मणिपुर के उखरूल में ताजा जातीय हिंसा; कर्फ्यू लगाया, 5 दिन इंटरनेट बंद
Aसीधा उत्तर
मणिपुर उखरूल में जातीय हिंसा: 40+ घर जले; कर्फ्यू और 5 दिन इंटरनेट बंद।
मुख्य तथ्य
8 फरवरी 2026 को लितान गाँव में हुई झड़प के बाद मणिपुर के उखरुल जिले में तांगखुल नागा और कुकी समुदायों के बीच हिंसा का नया दौर शुरू हुआ।
लगभग 40 घरों में आग लगी और सशस्त्र समूहों ने पहाड़ी गाँवों के पास गोलीबारी की, जिससे लोगों को कांगपोकपी जिले की ओर भागना पड़ा।
राज्य सरकार ने कर्फ्यू लगाया और इंटरनेट सेवाएँ 5 दिनों के लिए बंद कर दीं।
लितान सरेइखोंग गाँव में 21 घर पूरी तरह जल गए और 30 से अधिक संपत्तियों को नुकसान पहुँचा; नागालैंड की राष्ट्रीय समाजवादी परिषद-इसाक-मुइवा ने भारत सरकार पर कुकी उग्रवादियों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
इंफाल-उखरुल राष्ट्रीय राजमार्ग-202 पर वाहनों की आवाजाही बुरी तरह बाधित रही।
मणिपुर के उखरुल जिले में 8 फरवरी 2026 को लितान गाँव में हुई झड़प के बाद तांगखुल नागा और कुकी समुदायों के बीच हिंसा का नया दौर शुरू हो गया। लगभग 40 घर जला दिए गए। सशस्त्र समूहों ने पहाड़ी गाँवों के पास कई दौर की गोलीबारी की, जिससे लोगों को कांगपोकपी जिले की ओर भागना पड़ा।
राज्य सरकार ने कर्फ्यू लगाया और इंटरनेट सेवाएँ 5 दिनों के लिए बंद कर दीं। लितान सरेइखोंग गाँव में कुल 21 घर पूरी तरह जल गए और 30 से अधिक संपत्तियों को नुकसान पहुँचा। नागालैंड की राष्ट्रीय समाजवादी परिषद-इसाक-मुइवा (NSCN-IM) ने भारत सरकार पर कुकी उग्रवादियों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। इंफाल-उखरुल राष्ट्रीय राजमार्ग-202 पर वाहनों की आवाजाही बुरी तरह बाधित रही।
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मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: फरवरी 2026 में मणिपुर के उखरूल जिले में ताजा जातीय हिंसा ने पूर्वोत्तर में सांप्रदायिक शांति की नाजुकता सामने रखी। संघर्षग्रस्त पहाड़ी जिलों में स्थायी व्यवस्था बहाल करने के लिए आवश्यक शासकीय उपायों की विवेचना कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
8 फरवरी 2026 को उखरूल में तांगखुल नागा और कुकी समुदायों के टकराव में लगभग चालीस घर जले; कर्फ्यू लगा और पाँच दिन इंटरनेट निलंबित रहा। स्थायी शांति के लिए निष्पक्ष विधि-प्रवर्तन, सुलह-संवाद, आजीविका पुनरुद्धार, सशस्त्र समूहों का निरस्त्रीकरण, विस्थापित परिवारों का पुनर्वास तथा इंफाल-उखरूल राजमार्ग-202 पर संपर्क बहाली और विश्वास-निर्माण अपरिहार्य हैं।
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फरवरी 2026 में मणिपुर के उखरुल जिले में नई जातीय हिंसा किस कारण भड़की?
**8 फरवरी 2026** को **मणिपुर के उखरुल जिले** में **लितान गाँव** की झड़प के बाद **तांगखुल नागा और कुकी समुदायों** के बीच फिर हिंसा भड़की। लगभग **40 घर जला दिए गए** और सशस्त्र समूहों ने पहाड़ी गाँवों के पास गोलीबारी की, जिससे लोगों को कांगपोकपी जिले की ओर भागना पड़ा।
मणिपुर में उखरुल हिंसा के बाद कौन से प्रशासनिक उपाय किए गए?
फरवरी 2026 की हिंसा के बाद मणिपुर सरकार ने उखरुल जिले में **कर्फ्यू लगाया** और **इंटरनेट सेवाएँ 5 दिनों के लिए बंद कर दीं**। लितान सरेइखोंग गाँव में **21 घर पूरी तरह जल गए** और 30 से अधिक संपत्तियों को नुकसान पहुँचा।
फरवरी 2026 की मणिपुर उखरुल हिंसा में कौन से समुदाय शामिल थे?
यह हिंसा उखरुल जिले में **तांगखुल नागा** और **कुकी समुदायों** के बीच हुई थी। **नागालैंड की राष्ट्रीय समाजवादी परिषद-इसाक-मुइवा** ने भारत सरकार पर कुकी उग्रवादियों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। इस दौरान इंफाल-उखरुल राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही सीमित रही।
मणिपुर में जातीय संघर्ष की पृष्ठभूमि क्या है, जिसके कारण उखरुल हिंसा हुई?
मणिपुर में मई 2023 से **मेइतेई, कुकी-जो और नागा समुदायों** के बीच जातीय संघर्ष चल रहा है। फरवरी 2026 में उखरुल में हुई हिंसा इसी अशांति का हिस्सा थी; इसमें वहाँ के प्रमुख **तांगखुल नागा समुदाय** और कुकी समूह शामिल थे।
2026 की मणिपुर उखरुल हिंसा में कितनी संपत्तियों को नुकसान पहुँचा?
फरवरी 2026 की उखरुल हिंसा में **21 घर पूरी तरह जल गए**, लितान सरेइखोंग गाँव में **30 से अधिक संपत्तियों को नुकसान पहुँचा** और पूरे प्रभावित क्षेत्र में लगभग **40 घर जला दिए गए**। इससे बड़ी संख्या में लोग कांगपोकपी जिले की ओर विस्थापित हुए।
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