राज्यसभा ने 26 मार्च 2026 को विपक्षी दलों के बहिर्गमन के बीच केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक 2026 को ध्वनिमत से पारित किया। यह विधेयक पांच केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों — CRPF, BSF, CISF, ITBP और SSB — के सेवा नियमों और संवर्ग प्रबंधन में संशोधन करता है।

विधेयक का सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि CAPF में 50% Inspector General (IG) पद IPS अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति के लिए आरक्षित होंगे। इसके अलावा, इन बलों के सभी Director General (DG) पद अब केवल IPS प्रतिनियुक्ति से भरे जाएंगे, जिससे CAPF संवर्ग अधिकारियों के लिए शीर्ष पद तक सीधी पदोन्नति का मार्ग बंद हो जाएगा।

विधेयक के समर्थकों का तर्क है कि IPS अधिकारी वरिष्ठ नेतृत्व स्तर पर आवश्यक व्यापक प्रशासनिक अनुभव लाते हैं। हालांकि, CAPF संवर्ग अधिकारियों और कुछ विपक्षी सदस्यों का कहना है कि यह दशकों तक सेवा करने वाले कैरियर CAPF अधिकारियों के मनोबल को कमज़ोर करता है।

कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष ने विधेयक पारित होने के दौरान सदन से बहिर्गमन किया और हितधारकों के साथ अपर्याप्त परामर्श का विरोध किया। सरकार ने इसे भारत के आंतरिक सुरक्षा बलों की कमान संरचना और परिचालन प्रभावशीलता को मजबूत करने के लिए व्यापक सुधारों का हिस्सा बताया। विधेयक अब राष्ट्रपति की सहमति की प्रतीक्षा में है।