विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2026: भारत में 98 रामसर स्थल; विषय — 'आर्द्रभूमि और पारंपरिक ज्ञान'
Aसीधा उत्तर
भारत में 98 रामसर स्थल (एशिया में प्रथम); WWD 2026 विषय: 'आर्द्रभूमि और पारंपरिक ज्ञान'; राजस्थान में 2।
मुख्य तथ्य
विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2026 का विषय: आर्द्रभूमि और पारंपरिक ज्ञान — सांस्कृतिक विरासत का उत्सव।
भारत में रामसर स्थलों की संख्या 2014 के 26 से बढ़कर 2026 में 98 हो गई और ये स्थल 13.6 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैले हैं।
रामसर स्थलों की संख्या के आधार पर भारत एशिया में पहले और ब्रिटेन तथा मेक्सिको के बाद विश्व में तीसरे स्थान पर है।
राजस्थान में 2 रामसर स्थल हैं — केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (भरतपुर) और सांभर झील।
भारत की सबसे बड़ी अंतर्देशीय खारे पानी की झील सांभर अवैध नमक खनन और अतिक्रमण जैसी समस्याओं से जूझ रही है।
विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2 फरवरी 1971 को रामसर सम्मेलन अपनाए जाने की याद दिलाता है।
भारत ने 2 फरवरी 2026 को विश्व आर्द्रभूमि दिवस मनाया, जिसका विषय 'आर्द्रभूमि और पारंपरिक ज्ञान: सांस्कृतिक विरासत का उत्सव' था। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने आर्द्रभूमि संरक्षण में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख किया। देश में रामसर स्थलों की संख्या 2014 के 26 से बढ़कर 2026 में 98 हो गई है और ये स्थल 13.6 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैले हैं। भारत अब एशिया में पहले और ब्रिटेन तथा मेक्सिको के बाद विश्व में तीसरे स्थान पर है।
विशेषज्ञों ने आर्द्रभूमि प्रबंधन में पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों को शामिल करने पर ज़ोर दिया। राजस्थान में 2 रामसर स्थल हैं — केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (भरतपुर) और सांभर झील। भारत की सबसे बड़ी अंतर्देशीय खारे पानी की झील सांभर अवैध नमक खनन और अतिक्रमण जैसी समस्याओं से लगातार जूझ रही है। विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2 फरवरी 1971 को ईरान के रामसर में आर्द्रभूमियों पर रामसर सम्मेलन अपनाए जाने की याद भी दिलाता है।
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मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: रामसर स्थलों के संदर्भ में भारत की आर्द्रभूमि संरक्षण प्रगति, राजस्थान के योगदान व विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2026 के विषय पर चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
2 फरवरी 2026 को विश्व आर्द्रभूमि दिवस 'आर्द्रभूमि एवं पारंपरिक ज्ञान' विषय पर मनाया गया। मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि भारत के रामसर स्थल 2014 के 26 से 98 हुए, 13.6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र — एशिया में प्रथम, विश्व में तीसरे। राजस्थान में केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान व सांभर झील।
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व्याख्या · सही उत्तर B
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विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2026 का विषय क्या था और भारत ने क्या उपलब्धि मनाई?
**विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2026** का विषय **'आर्द्रभूमि और पारंपरिक ज्ञान: सांस्कृतिक विरासत का उत्सव'** था। भारत ने आर्द्रभूमि संरक्षण में अपनी उपलब्धियों का उत्सव मनाया, जिनमें रामसर स्थलों की संख्या **2014 के 26 से बढ़कर 2026 में 98** होना और उनका **13.6 लाख हेक्टेयर से अधिक** क्षेत्र में फैलना शामिल है।
2026 में भारत में कितने रामसर स्थल हैं और वैश्विक क्रम में उसका कौन-सा स्थान है?
2026 में भारत में **98 रामसर स्थल** हैं। रामसर स्थलों की संख्या के आधार पर भारत एशिया में **पहले** और **ब्रिटेन तथा मेक्सिको** के बाद विश्व में **तीसरे** स्थान पर है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री **भूपेंद्र यादव** ने विश्व आर्द्रभूमि दिवस पर इस उपलब्धि का उल्लेख किया।
राजस्थान में कौन से दो रामसर स्थल हैं और उनका क्या महत्व है?
राजस्थान में **2 रामसर स्थल** हैं: **केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (भरतपुर)**, जो UNESCO का विश्व धरोहर स्थल है और प्रवासी पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है, तथा **सांभर झील**, जो भारत की सबसे बड़ी अंतर्देशीय खारे पानी की झील है। सांभर झील **अवैध नमक खनन और अतिक्रमण** जैसी समस्याओं से जूझ रही है।
विश्व आर्द्रभूमि दिवस किस सम्मेलन की याद दिलाता है?
विश्व आर्द्रभूमि दिवस **2 फरवरी 1971** को **ईरान के रामसर** में आर्द्रभूमियों पर **रामसर सम्मेलन** अपनाए जाने की याद दिलाता है। यह विश्व की सबसे पुरानी आधुनिक अंतर-सरकारी पर्यावरण संधि है।
विशेषज्ञों ने विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2026 पर आर्द्रभूमि प्रबंधन में पारंपरिक ज्ञान को शामिल करने पर ज़ोर क्यों दिया?
विशेषज्ञों ने बताया कि **पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों** में आर्द्रभूमि के टिकाऊ प्रबंधन, मौसमी चक्रों और जैव विविधता के बारे में सदियों से संचित समझ मौजूद है। इस ज्ञान को आज के **आर्द्रभूमि प्रबंधन** में वैज्ञानिक तरीकों के साथ शामिल करने से संरक्षण के नतीजे बेहतर हो सकते हैं।
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