वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (FATF) ने मार्च 2026 में कुवैत और पापुआ न्यू गिनी को अपनी 'बढ़ी हुई निगरानी' वाली ग्रे लिस्ट में शामिल किया, जिससे कुल संख्या 22 हो गई। दोनों देशों की मनी लॉन्ड्रिंग रोधी (AML) और आतंकवाद के वित्तपोषण की रोकथाम (CFT) प्रणालियों में कमियां पाई गईं।

भारत को 2018 में सुधारों के बाद FATF ग्रे लिस्ट से हटाया गया था। ग्रे लिस्ट में होने का मतलब है कि देश की AML/CFT व्यवस्था में सुधार की जरूरत है, जिससे विदेशी निवेश प्रवाह प्रभावित हो सकता है।