भारत ने BRICS की 2026 अध्यक्षता ग्रहण की, इसलिए वह वार्षिक BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। यह भारत की बहुपक्षीय कूटनीति के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।

भारत की BRICS अध्यक्षता की प्राथमिकताएं

  • ग्लोबल साउथ नेतृत्व: भारत विकासशील देशों की आवाज बुलंद करने के लिए BRICS का इस्तेमाल करना चाहता है।
  • गैर-पश्चिमी, न कि पश्चिम-विरोधी: भारत पश्चिम-विरोधी रुख अपनाए बिना गैर-पश्चिमी विश्वदृष्टिकोण प्रस्तुत कर रहा है।
  • बहुपक्षीय व्यापार: भारत विवादास्पद डी-डॉलरीकरण को राष्ट्रीय मुद्राओं में द्विपक्षीय व्यापार के रूप में नए ढंग से पेश कर रहा है।

अध्यक्ष के रूप में प्रमुख चुनौतियां

  • पश्चिम एशिया संघर्ष: 2024 से BRICS सदस्य ईरान, मध्य पूर्व संघर्ष में सऊदी अरब और UAE (भी BRICS सदस्य) के साथ शामिल है।
  • डी-डॉलरीकरण तनाव: ट्रंप प्रशासन ने डी-डॉलरीकरण करने वाले देशों पर 50% टैरिफ लगाने की धमकी दी है।
  • US-भारत तनाव: अप्रैल 2026 तक रूसी तेल आयात का हवाला देकर लगाया गया अतिरिक्त अमेरिकी शुल्क वापस लिया जा चुका था।

BRICS विस्तार

  • BRICS का जनवरी 2024 में विस्तार हुआ, जिसमें सऊदी अरब, UAE, ईरान, इथियोपिया और मिस्र शामिल हुए।

भारत 2026 में किन शिखर सम्मेलनों की मेजबानी कर रहा है

  • BRICS शिखर सम्मेलन 2026 (अध्यक्ष)
  • AI इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन 2026
  • संभवतः क्वाड शिखर सम्मेलन (2025 से स्थगित)