भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और भारतीय नौसेना ने स्वदेश में विकसित ADC-150 (एयर-ड्रॉपेबल कंटेनर) प्रणाली के उड़ान के दौरान रिलीज़ परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। यह रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

इस प्रणाली को विशाखापत्तनम स्थित नेवल साइंस एंड टेक्नोलॉजिकल लैबोरेटरी (NSTL) ने विकसित किया है, जो DRDO के अंतर्गत कार्य करती है। ADC-150 प्रणाली 150 किलोग्राम तक का पेलोड ले जाने में सक्षम है और इसका परीक्षण भारतीय नौसेना के P-8I समुद्री गश्ती विमान से किया गया — यह लंबी दूरी का पनडुब्बी-रोधी और सतह-रोधी युद्धक विमान है।

सफल परीक्षण से साबित होता है कि यह प्रणाली विमान को उतारे बिना ही जहाजों, पनडुब्बियों या समुद्र में आपातकालीन स्थानों तक जरूरी सामग्री, उपकरण या आपातकालीन आपूर्ति पहुंचा सकती है। यह भारत की पहली स्वदेशी एयर-ड्रॉपेबल लॉजिस्टिक्स कंटेनर प्रणाली है, जिससे नौसेना के आपूर्ति कार्यों में विदेशी खरीद पर निर्भरता कम होगी।

यह उपलब्धि भारत की आत्मनिर्भर भारत रक्षा पहल के अनुरूप है और हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में भारतीय नौसेना की परिचालन तैयारियों को मजबूत करती है। NSTL, विशाखापत्तनम जल-आधारित हथियारों, नौसेना प्रणालियों और संबंधित प्रौद्योगिकियों में विशेषज्ञता रखती है। सभी विकासात्मक उड़ान परीक्षण सफल होने के बाद यह प्रणाली जल्द ही भारतीय नौसेना में शामिल होने की उम्मीद है।