रक्षा मंत्रालय ने 6 अप्रैल 2026 को घोषणा की कि त्रि-सेवा सेमिनार रण संवाद 9-10 अप्रैल 2026 को एयर फ़ोर्स ट्रेनिंग कमांड, बेंगलुरु में आयोजित किया जाएगा। इसका दूसरा संस्करण मल्टी डोमेन ऑपरेशंस - पारम्परिक और अनियमित खतरों के समाधान की एक अनिवार्यता विषय पर होगा और युद्ध के उभरते प्रतिमानों पर सतत व संरचित संवाद की शुरुआत करेगा। दो दिवसीय सेमिनार में भूमि, आकाश, समुद्र, साइबर, अंतरिक्ष और संज्ञानात्मक क्षेत्रों को समेटने वाले मल्टी-डोमेन संघर्ष के लिए भारत के रक्षा बलों को तैयार करने का रोडमैप बनाया जाएगा। सत्रों में मल्टी डोमेन ऑपरेशंस का विकास, आधुनिक युद्धक्षेत्र को आकार दे रहे वैश्विक रुझान, राष्ट्रीय संसाधनों का उपयोग करने वाला पूरे राष्ट्र का दृष्टिकोण, सिद्धांतों में अनुकूलन और प्रशिक्षण, तथा जटिल वातावरण में प्रभावी कमांड व नियंत्रण के लिए ऑपरेशनल आर्ट की नई परिकल्पना पर चर्चा होगी। सेमिनार मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस के संदर्भ में नागरिक-सैन्य एकीकरण की व्यापक समझ देगा और पारम्परिक तथा अनियमित खतरों से प्रभावी तरीके से निपटने की रणनीति बनाने में भारतीय रक्षा बलों के लिए मार्गदर्शक बनेगा। रण संवाद - युद्ध, वारफ़ेयर और वारफ़ाइटिंग पर संवाद - की परिकल्पना CDS जनरल अनिल चौहान ने अपनी तरह की पहली त्रि-सेवा पहल के रूप में की थी; उद्घाटन संस्करण आर्मी वॉर कॉलेज, महू में द इम्पैक्ट ऑफ़ टेक्नोलॉजी ऑन वॉरफ़ेयर विषय पर आयोजित हुआ था और उसने सैन्य पेशेवरों व विशेषज्ञों के बीच संरचित रणनीतिक संवाद की नींव रखी।
त्रि-सेवा सेमिनार रण संवाद 2026 9-10 अप्रैल को एयर फोर्स ट्रेनिंग कमांड, बेंगलुरु में आयोजित होगा
रक्षा मंत्रालय ने 6 अप्रैल 2026 को घोषणा की कि त्रि-सेवा सेमिनार रण संवाद का दूसरा संस्करण 9-10 अप्रैल 2026 को बेंगलुरु में आयोजित होगा। इसका विषय भूमि, आकाश, समुद्र, साइबर, अंतरिक्ष और संज्ञानात्मक क्षेत्रों को समेटने वाले मल्टी डोमेन ऑपरेशंस पर केंद्रित है। इसकी परिकल्पना CDS जनरल अनिल चौहान ने की है तथा उद्घाटन संस्करण आर्मी वॉर कॉलेज, महू में हुआ था।
मुख्य तथ्य
- रक्षा मंत्रालय ने 6 अप्रैल 2026 को घोषणा की; रण संवाद 2026 9-10 अप्रैल 2026 को एयर फ़ोर्स ट्रेनिंग कमांड, बेंगलुरु में होगा।
- विषय: मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस - पारम्परिक और अनियमित खतरों से निपटने की अनिवार्यता।
- दायरे में छह डोमेन आते हैं - भूमि, आकाश, समुद्र, साइबर, अंतरिक्ष और संज्ञानात्मक।
- फोकस के मुख्य बिंदु - MDO का विकास, दुनिया भर में युद्ध के बदलते तौर-तरीके, पूरे राष्ट्र को साथ लेकर चलने वाला नज़रिया, सैन्य सिद्धांतों में बदलाव और नागरिक-सैन्य तालमेल।
- CDS जनरल अनिल चौहान ने इसे अपनी तरह की पहली त्रि-सेवा पहल के रूप में परिकल्पित किया।
- इसका पहला संस्करण आर्मी वॉर कॉलेज, महू में प्रौद्योगिकी का युद्ध पर प्रभाव विषय पर हुआ था।
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
- RAS 2024 रक्षा उत्पादन में स्वदेशीकरण के रणनीतिक और तकनीकी महत्त्व का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए, विशेष रूप से भारत की मिसाइल और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों के संदर्भ में। — दोनों भारत के रक्षा सैद्धांतिक विकास से संबंधित हैं; रण संवाद भूमि, वायु, समुद्र, साइबर, अंतरिक्ष एवं संज्ञानात्मक क्षेत्रों को एकीकृत करने वाले बहु-आयाम अभियानों हेतु रोडमैप तैयार करता है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत के बहु-आयाम अभियान सिद्धांत के लिए त्रि-सेवा संगोष्ठी रण संवाद के महत्व की चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
रक्षा मंत्रालय ने 6 अप्रैल 2026 को घोषणा की कि दूसरा रण संवाद 9-10 अप्रैल 2026 को वायुसेना प्रशिक्षण कमान, बेंगलुरु में भूमि, वायु, समुद्र, साइबर, अंतरिक्ष एवं संज्ञानात्मक क्षेत्रों में बहु-आयाम अभियानों पर आयोजित होगा। रक्षा प्रमुख जनरल अनिल चौहान की परिकल्पना वाला पहला संस्करण सेना युद्ध कॉलेज, महू में संपन्न हुआ था।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
रण संवाद का दूसरा संस्करण कब और कहाँ आयोजित हो रहा है?
9-10 अप्रैल 2026 को एयर फ़ोर्स ट्रेनिंग कमांड, बेंगलुरु में।
रण संवाद 2026 का विषय क्या है?
मल्टी डोमेन ऑपरेशंस - पारम्परिक और अनियमित खतरों से निपटने की अनिवार्यता।
रण संवाद पहल की परिकल्पना किसने की थी?
CDS जनरल अनिल चौहान ने, अपनी तरह की पहली त्रि-सेवा पहल के रूप में।
मल्टी डोमेन ऑपरेशंस में कौन-से छह डोमेन शामिल होते हैं?
भूमि, आकाश, समुद्र, साइबर, अंतरिक्ष और संज्ञानात्मक क्षेत्र।
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