केंद्रीय ऊन विकास बोर्ड ने 16 जनवरी 2026 को ICAR-केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान के सहयोग से राजस्थान के अविकानगर में भारतीय ऊन क्षेत्र पर चिंतन शिविर आयोजित किया। इसका मुख्य उद्देश्य घरेलू ऊन की मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना और आयातित बारीक ऊन पर भारत की भारी निर्भरता कम करना है।

प्रमुख सिफारिशों में ऊन की गुणवत्ता और ब्रांडिंग के लिए उत्कृष्टता केंद्र, ऊन प्रसंस्करण के लिए सामान्य सुविधा केंद्रों का विस्तार, टिकाऊ भेड़ पालन में प्रौद्योगिकी अपनाना और किसानों, MSME तथा उद्योग के बीच मजबूत कड़ियां बनाना शामिल है। राजस्थान सालाना 1.6 करोड़ किलो ऊन उत्पादन के साथ भारत का सबसे बड़ा ऊन उत्पादक राज्य है। यह पश्चिमी राजस्थान के लाखों पशुपालक समुदायों की आजीविका का आधार है।