प्रकाशित: 12 फ़रवरी 2026समाचार स्रोतअर्थव्यवस्था
श्वेत क्रांति 2.0: सरकार का दूध खरीद में 50% वृद्धि और 1.20 लाख नई डेयरी सहकारिताओं का लक्ष्य
सहकारिता मंत्रालय ने 9 फरवरी 2026 को लोकसभा को श्वेत क्रांति 2.0 के बारे में जानकारी दी — यह केंद्रीय मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र की पहल है, जिसे भारत के डेयरी क्षेत्र में बदलाव लाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। कार्यक्रम का लक्ष्य डेयरी सहकारिताओं द्वारा दूध की खरीद को अगले पांच वर्षों में मौजूदा स्तर से 50% बढ़ाना है, और 2028-29 तक दूध खरीद को 1,007 लाख किग्रा/दिन तक पहुंचाना है।
कार्यक्रम चार स्तंभों पर केंद्रित है: (1) महिला किसानों का सशक्तिकरण — डेयरी कृषि कार्यबल में लगभग 70% महिलाएं हैं, लेकिन अनौपचारिक क्षेत्र के कारण उनके योगदान को मान्यता नहीं मिल पाती; (2) स्थानीय दूध उत्पादन में वृद्धि; (3) स्वचालित दूध संग्रह इकाइयों से डेयरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना; और (4) डेयरी निर्यात को बढ़ावा देना। 1.20 लाख नई और मौजूदा डेयरी सहकारी समितियां स्थापित या मजबूत की जाएंगी।
राजस्थान के लिए यह कार्यक्रम विशेष महत्व रखता है क्योंकि राज्य में पशुपालन और पशुधन आधारित बड़ी अर्थव्यवस्था है और राजस्थान भारत के शीर्ष दूध उत्पादक राज्यों में से एक है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: श्वेत क्रांति 2.0 सहकारिता विस्तार और महिला सशक्तिकरण से भारत के डेयरी क्षेत्र को कैसे बदलती है?
उत्तर (50 शब्द):
9 फरवरी 2026 को लोकसभा में बताया गया कि श्वेत क्रांति 2.0 का लक्ष्य सहकारी दूध खरीद में 50 प्रतिशत वृद्धि कर 2028-29 तक प्रतिदिन 1,007 लाख किलोग्राम करना है। इसके तहत जिन पंचायतों में अभी डेयरी सहकारी समितियां नहीं हैं, वहां 1.20 लाख नई समितियां स्थापित की जाएंगी। यह भी माना गया है कि डेयरी कार्यबल में 70 प्रतिशत महिलाएं हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
श्वेत क्रांति 2.0 क्या है और इसके प्रमुख लक्ष्य क्या हैं?
श्वेत क्रांति 2.0 एक सरकारी पहल है, जिसकी घोषणा 9 फरवरी 2026 को लोकसभा में की गई। यह NDDB के नेतृत्व में मूल ऑपरेशन फ्लड (श्वेत क्रांति) पर आधारित है। इसके प्रमुख लक्ष्य हैं: 2028-29 तक डेयरी सहकारिताओं द्वारा दूध की खरीद में 50% वृद्धि कर इसे 1,007 लाख किग्रा प्रतिदिन तक पहुंचाना और देशभर में 1.20 लाख डेयरी सहकारिताएं स्थापित करना या मजबूत करना।
ऑपरेशन फ्लड (मूल श्वेत क्रांति) क्या था और इसका नेतृत्व किसने किया?
ऑपरेशन फ्लड, जिसे श्वेत क्रांति भी कहा जाता है, 1970 में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) द्वारा डॉ. वर्गीज कुरियन के नेतृत्व में शुरू किया गया था। डॉ. कुरियन को 'श्वेत क्रांति के जनक' या 'भारत के दूधवाले' के रूप में जाना जाता है। इस अभियान ने सहकारी मॉडल से भारत को दूध की कमी वाले देश से दुनिया के सबसे बड़े दूध उत्पादक देश में बदल दिया, जिसमें अमूल सबसे प्रसिद्ध उदाहरण है।
भारत के डेयरी क्षेत्र में महिलाओं का क्या महत्व है और श्वेत क्रांति 2.0 उन्हें कैसे सशक्त बनाती है?
भारत के डेयरी कार्यबल में लगभग 70% महिलाएं हैं, जो गांव स्तर पर दूध निकालने, पशुओं के चारे की व्यवस्था और सहकारी प्रबंधन जैसी जिम्मेदारियां संभालती हैं। श्वेत क्रांति 2.0 डेयरी सहकारिताओं का विस्तार करके महिलाओं को सशक्त बनाती है। इससे उन्हें सीधी आय, सहकारी बैंकिंग से वित्तीय समावेश और नेतृत्व की भूमिकाएं मिलती हैं।
भारत के डेयरी क्षेत्र में राजस्थान की क्या भूमिका है और श्वेत क्रांति 2.0 से राज्य को क्या लाभ होगा?
राजस्थान भारत के शीर्ष दूध उत्पादक राज्यों में से है, जहां गाय और भैंस सहित बड़ी पशुधन जनसंख्या है। श्वेत क्रांति 2.0 से राजस्थान में सहकारी ढांचे का विस्तार होगा, किसानों को दूध की बेहतर खरीद कीमत मिलेगी, नई सहकारी समितियां बनेंगी और ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ेगी। इससे राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था सीधे मजबूत होगी।
श्वेत क्रांति 2.0 किस मंत्रालय के अंतर्गत लागू होती है और NDDB की क्या भूमिका है?
श्वेत क्रांति 2.0 मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत आती है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) इसकी कार्यान्वयन एजेंसी है। यह दूध की खरीद और सहकारी विस्तार के लक्ष्यों को हासिल करने में राज्य डेयरी सहकारिताओं और संघों को तकनीकी सहायता, वित्त पोषण और रणनीतिक मार्गदर्शन देता है।