24 फरवरी 2026 को भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने नई दिल्ली में एक संयुक्त वक्तव्य पर हस्ताक्षर किए, जिससे व्यापक भारत-GCC मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की वार्ता औपचारिक रूप से शुरू हुई। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और GCC महासचिव जासिम मोहम्मद अलबुदैवी ने इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। इससे पहले 5 फरवरी 2026 को संदर्भ की शर्तें (ToR) हस्ताक्षरित की गई थीं।

GCC भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार समूह है। वित्त वर्ष 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार 178.56 अरब डॉलर (निर्यात: 56.87 अरब डॉलर, आयात: 121.68 अरब डॉलर) रहा, जो भारत के कुल वैश्विक व्यापार का 15.42% है। FTA वार्ता में माल व्यापार, सीमा शुल्क प्रक्रियाएं, सेवाएं, डिजिटल व्यापार, उन्नत प्रौद्योगिकियां और निवेश प्रवाह शामिल होंगे। GCC 6.15 करोड़ की आबादी और 2.3 लाख करोड़ डॉलर की संयुक्त GDP का बाजार है।

राजस्थान के लिए भारत-GCC FTA विशेष महत्व रखता है। राज्य रत्न-आभूषण, संगमरमर और ग्रेनाइट, वस्त्र (जयपुर ब्लॉक प्रिंट और बंधानी) तथा हस्तशिल्प का प्रमुख निर्यातक है — ये सभी GCC बाजारों में अत्यधिक मांग में हैं। इसके अलावा, UAE, सऊदी अरब और कतर में राजस्थान के बड़े प्रवासी समुदाय से आने वाले प्रेषण राज्य के ग्रामीण परिवारों की आय में योगदान देते हैं।