पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने 2025 की वार्षिक समीक्षा जारी की, जिसमें भारत के पर्यावरणीय शासन और संरक्षण प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ बताई गई हैं।
भारत ने 2025 में 11 नए रामसर आर्द्रभूमि स्थल जोड़े, जिससे कुल संख्या 96 हो गई — यह एशिया के सभी देशों में सर्वाधिक है और विश्व स्तर पर भारत 9वें स्थान पर है। यह उपलब्धि रामसर अभिसमय के तहत आर्द्रभूमि संरक्षण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
वन एवं वृक्ष आवरण में भारत कुल वन क्षेत्र में विश्व में 9वें और वार्षिक शुद्ध वन लाभ में तीसरे स्थान पर है। 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत देशभर में 262.4 करोड़ पौधे लगाए गए।
वन्यजीव संरक्षण में मध्य प्रदेश के माधव टाइगर रिजर्व को भारत के बाघ अभयारण्य नेटवर्क में जोड़ा गया। प्रोजेक्ट चीता के तहत चीता पुनर्प्रवेश कार्यक्रम में 30 चीते और 19 शावकों के जन्म की सफलता दर्ज की गई।
भारत भर में संरक्षित क्षेत्रों (PA) की कुल संख्या 1,134 हो गई, जिसमें राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्य, संरक्षण आरक्षित क्षेत्र और सामुदायिक आरक्षित क्षेत्र शामिल हैं।
जून 2025 में भारत ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, जब गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों की हिस्सेदारी कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता में 50% से अधिक हो गई, जो स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
