केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 9 जून 2026 को नई दिल्ली में भारत की भू-बंदरगाह प्रबंधन प्रणाली 'विनिमय' का शुभारंभ किया। यह डिजिटल मंच देश के सभी स्थलीय बंदरगाहों के संचालन को एकीकृत कर एकल डिजिटल मंच पर लाता है, जो सीमा व्यापार अवसंरचना में एक ऐतिहासिक कदम है।
वर्तमान में देशभर में 15 भू-बंदरगाह परिचालन में हैं। सरकार ने अगले 2-3 वर्षों में 11 और भू-बंदरगाह विकसित करने की योजना घोषित की है। विनिमय का शुभारंभ ऐसे समय में हुआ है जब भू-बंदरगाहों के माध्यम से व्यापार 2014 में ₹5,000 करोड़ से बढ़कर ₹83,000 करोड़ हो गया है — अर्थात 16 गुना की वृद्धि। यह आंकड़ा सीमा व्यापार की रणनीतिक अहमियत को रेखांकित करता है।
विनिमय एक साझा मंच पर प्रमुख राष्ट्रीय एजेंसियों और प्रणालियों से वास्तविक समय का डेटा एकत्र करता है — इनमें ICEGATE, CBIC, BSF, DGFT, UIDAI और ULIP शामिल हैं। इस एकीकरण से नियामक, सुरक्षा और व्यापार निकायों के बीच निर्बाध समन्वय सुनिश्चित होता है।
मंच पर ट्रकों के लिए स्लॉट बुकिंग, डिजिटल भुगतान, माल और यात्री ट्रैकिंग तथा एकल-खिड़की मंजूरी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे ट्रकों की प्रतीक्षा अवधि में लगभग 50% और गेट प्रोसेसिंग समय में लगभग 30% की कमी अपेक्षित है। विनिमय भारत की सीमा व्यापार प्रशासन में एक बड़े सुधार का प्रतीक है।
