RAS प्रश्न
कथन: कुछ किताबें पेन हैं। कुछ पेन इरेज़र हैं। निष्कर्ष: I. कुछ किताबें इरेज़र हैं। II. कोई किताब इरेज़र नहीं है। कौन-सा या कौन-से निष्कर्ष सही हैं?
सही उत्तर: (D) या तो निष्कर्ष I या II सही है।
निष्कर्ष I और निष्कर्ष II पूरक हैं, इसलिए व्यक्तिगत रूप से कोई निश्चित निष्कर्ष न निकलने पर भी "या तो I या II" सही है।
व्याख्या
NCERT के अनुसार सही तर्क में निष्कर्ष आधार-कथनों से ही निकलते हैं और हर कथन तार्किक रूप से पिछले कथनों पर टिकता है। दोनों आधार-कथन विशेष सकारात्मक हैं: कुछ किताबें पेन हैं और कुछ पेन इरेज़र हैं। केवल इतना जानने से यह तय नहीं होता कि वही पेन, जो किताबें हैं, इरेज़र भी हैं या नहीं। इसलिए निष्कर्ष I, "कुछ किताबें इरेज़र हैं", अलग से सिद्ध नहीं होता। इसी तरह निष्कर्ष II, "कोई किताब इरेज़र नहीं है", भी अलग से सिद्ध नहीं होता, क्योंकि किताब और इरेज़र के बीच पूर्ण अलगाव निश्चित नहीं है। लेकिन I और II एक-दूसरे के पूरक हैं: कुछ किताबें इरेज़र होंगी या कोई किताब इरेज़र नहीं होगी। इसलिए सही रूप "या तो I या II" है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) A गलत है, क्योंकि I और II साथ-साथ सही नहीं हो सकते: कुछ किताबों का इरेज़र होना और किसी भी किताब का इरेज़र न होना परस्पर विरोधी बातें हैं।
- (B) B गलत है, क्योंकि दो विशेष सकारात्मक कथनों से किताब और इरेज़र का निश्चित संबंध नहीं बनता, इसलिए केवल निष्कर्ष I सिद्ध नहीं होता।
- (C) C गलत है, क्योंकि किताब और इरेज़र को पूरी तरह अलग मानना निश्चित नहीं है, इसलिए केवल निष्कर्ष II सिद्ध नहीं होता।
अवधारणा
न्याय-वाक्य में विशेष कथन, मध्य पद और पूरक निष्कर्ष की समझ जरूरी होती है। RAS में ऐसे सवाल इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि वे रटे हुए सूत्र से ज्यादा साफ तार्किक निष्कर्ष निकालने की क्षमता जांचते हैं।
