RAS प्रश्न
कथन: क्या सभी सरकारी कार्यालयों को चार-दिवसीय कार्य सप्ताह अपनाना चाहिए? तर्क 1: हाँ, इससे काम और निजी जीवन के संतुलन तथा कर्मचारी उत्पादकता में सुधार होता है। तर्क 2: नहीं, इससे कार्य घंटे कम होंगे, जिससे सार्वजनिक सेवाओं में देरी होगी। कौन-से तर्क मजबूत हैं?
सही उत्तर: (C) I और II दोनों मजबूत हैं।
चार-दिवसीय कार्य सप्ताह पर तर्क I और तर्क II दोनों मजबूत हैं, क्योंकि कर्मचारी संतुलन और उत्पादकता के लाभ मिलते हैं, साथ ही सार्वजनिक सेवाओं में देरी का व्यावहारिक जोखिम भी रहता है।
व्याख्या
दोनों तर्क मजबूत माने जाएंगे। छोटे सप्ताह वाले सार्वजनिक-क्षेत्र परीक्षणों में कुछ सेवा-परिणाम बने रहे या सुधरे। GOV.WALES की रिपोर्ट चार-दिवसीय सप्ताह को काम और निजी जीवन के बेहतर संतुलन, कम थकान, बेहतर स्वास्थ्य तथा उत्पादकता और संगठनात्मक प्रदर्शन से जोड़ती है। इसलिए तर्क I केवल भावनात्मक दावा नहीं, नीति-चर्चा में समर्थित लाभ है। साथ ही GOV.WALES रिपोर्ट सार्वजनिक सेवाओं में सेवा-वितरण, संसाधन, 24/7 सेवाओं और कम उपलब्ध कार्य-घंटों में काम समेटने की कठिनाई को जोखिम मानती है। इसलिए तर्क II भी वास्तविक प्रशासनिक चिंता उठाता है। कथन-तर्क में लाभ और जोखिम, दोनों प्रासंगिक होने पर दोनों तर्क स्वीकार किए जाते हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) A गलत है, क्योंकि यह कर्मचारी संतुलन और उत्पादकता वाले तर्क को तो मानता है, लेकिन सरकारी कार्यालयों में घटे कार्य-घंटों से सेवा-वितरण पर पड़ने वाली व्यावहारिक चिंता को अनदेखा करता है।
- (B) B गलत है, क्योंकि यह सार्वजनिक सेवाओं में देरी की आशंका को तो स्वीकार करता है, पर छोटे सप्ताह से काम और निजी जीवन के संतुलन तथा उत्पादकता में सुधार की समर्थित संभावना को छोड़ देता है।
- (D) D गलत है, क्योंकि GOV.WALES रिपोर्ट में चार-दिवसीय सप्ताह के लाभ और सेवा-वितरण जोखिम, दोनों नीति-निर्णय के लिए प्रासंगिक हैं।
अवधारणा
कथन-तर्क में मजबूत तर्क की पहचान व्यावहारिकता, नीति-प्रभाव और सार्वजनिक हित के आधार पर होती है। RAS में प्रशासनिक फैसलों से जुड़े तर्कों में लाभ और सेवा-वितरण जोखिम, दोनों को साथ पढ़ना पड़ता है।
