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RAS प्रश्न

कथन: 'राजस्थान में कई किसान फसल विफलता और बढ़ते कर्ज़ के कारण आत्महत्या कर रहे हैं।' कार्यवाही I: सरकार को फसल बीमा और ऋण राहत योजनाएँ प्रदान करनी चाहिए। कार्यवाही II: सूखा-प्रवण क्षेत्रों में खेती पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए। कौन-सी कार्यवाही/कार्यवाहियाँ उचित है/हैं?

सही उत्तर: (A) केवल कार्यवाही I उचित है।

फसल विफलता और बढ़ते कर्ज़ से जूझ रहे किसानों के लिए फसल बीमा और ऋण राहत जैसी सरकारी कार्यवाही उचित है, खेती पर प्रतिबंध लगाना नहीं।

  1. (A)

    केवल कार्यवाही I उचित है

  2. (B)

    केवल कार्यवाही II उचित है

  3. (C)

    I और II दोनों उचित हैं

  4. (D)

    न तो I और न ही II उचित है

व्याख्या

उचित कार्यवाही वही है जो किसानों की आत्महत्या के कारणों को सीधे और व्यवहार्य तरीके से संबोधित करे। PIB के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के रिलीज़ में किसानों की कर्ज़-जनित परेशानी को किसान आत्महत्या के कारणों में रखा गया है और निजी साहूकारों पर निर्भरता घटाने, फसल ऋण, कर्ज़ राहत जैसी व्यवस्था, ऋण पुनर्निर्धारण और फसल बीमा योजनाओं का उल्लेख किया गया है। इसलिए कार्यवाही I समस्या की जड़, यानी वित्तीय दबाव और फसल नुकसान, पर सीधे चोट करती है। कार्यवाही II सूखा-प्रवण क्षेत्रों में खेती पर रोक लगाने की बात करती है; यह अनुपातहीन कदम है और किसानों की आजीविका छीन सकता है। इसलिए केवल कार्यवाही I उचित है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) केवल कार्यवाही II उचित नहीं है, क्योंकि खेती पर प्रतिबंध समस्या के वित्तीय कारणों का समाधान नहीं करता और आजीविका छीनने वाला अतिवादी कदम बन जाता है।
  • (C) I और II दोनों उचित नहीं हो सकते, क्योंकि I राहत और बीमा के जरिए समस्या को संभालती है, जबकि II खेती रोककर उसी किसान-समुदाय की आजीविका पर चोट करती है।
  • (D) न I और न II कहना गलत है, क्योंकि PIB भी फसल नुकसान और कर्ज़ की स्थिति में सरकारी फसल बीमा, ऋण व्यवस्था और राहत जैसे उपायों को प्रासंगिक बताता है।

अवधारणा

तर्कशक्ति में कथन और कार्यवाही के चयन में कार्यवाही व्यावहारिक, सीधी और समस्या के मूल कारण से जुड़ी होनी चाहिए। RAS में ऐसे प्रश्न इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि वे प्रशासनिक निर्णय में संवेदनशीलता और अनुपातबोध दोनों जाँचते हैं।

स्रोत

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