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RAS प्रश्न

अंक 1, 2, 3, 4, 5 से बिना पुनरावृत्ति के कितनी 3-अंकीय संख्याएँ बन सकती हैं?

सही उत्तर: (C) 60।

अंक 1, 2, 3, 4, 5 से बिना पुनरावृत्ति के 60 अलग-अलग 3-अंकीय संख्याएँ बन सकती हैं।

  1. (A)

    125

  2. (B)

    120

  3. (C)

    60

  4. (D)

    80

व्याख्या

यह प्रश्न क्रमचय और गुणन सिद्धांत पर है, क्योंकि 3-अंकीय संख्या में सैकड़ा, दहाई और इकाई के स्थान अलग-अलग क्रम बनाते हैं। NCERT के अनुसार, यदि एक घटना m तरीकों से और उससे जुड़ी दूसरी घटना n तरीकों से हो सकती है, तो दिए गए क्रम में कुल तरीके m × n होते हैं; और क्रमचय वस्तुओं की निश्चित क्रम में व्यवस्था है। यहाँ पहले स्थान के लिए 5 अंकों में से कोई भी चुना जा सकता है। पुनरावृत्ति नहीं है, इसलिए दूसरे स्थान पर 4 विकल्प बचते हैं और तीसरे स्थान पर 3 विकल्प बचते हैं। इसलिए कुल संख्याएँ 5 × 4 × 3 = 60 हैं। यही P(5,3) = 5!/(5−3)! = 120/2 = 60 भी है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) 125 तब आता जब हर स्थान पर 5 विकल्प मानकर पुनरावृत्ति की अनुमति दी जाती, जबकि प्रश्न में बिना पुनरावृत्ति कहा गया है।
  • (B) 120, 5! का मान है और सभी 5 अंकों को क्रम में लगाने से जुड़ता है; यहाँ केवल 3 स्थान भरने हैं।
  • (D) 80 के लिए 5, 4, 3 जैसे घटते विकल्पों का सही गुणन नहीं बनता, इसलिए यह बिना पुनरावृत्ति वाले 3 स्थानों की गिनती नहीं है।

अवधारणा

यह गणना वाले अध्याय में क्रमचय और मूल गुणन सिद्धांत की सीधी जाँच है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि छोटे अंकों और स्थानों से बिना लंबी सूची बनाए सही संख्या निकालनी होती है।

स्रोत

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