RAS प्रश्न
एक आयताकार कागज को उसकी लम्बाई के साथ एक बार मोड़ा जाता है। मुड़े किनारे के एक कोने से एक समकोण त्रिभुज काटा जाता है। खोलने पर कटा हुआ आकार होगा:
सही उत्तर: (B) एक समद्विबाहु त्रिभुज।
लम्बाई के साथ एक बार मोड़े गए आयताकार कागज के मुड़े किनारे के कोने से समकोण त्रिभुज काटने पर, खोलने के बाद कटा हुआ आकार समद्विबाहु त्रिभुज बनता है।
व्याख्या
NCERT की खिलौना-आधारित शिक्षाशास्त्र पुस्तिका में कागज मोड़ने, कागज काटने और बुनियादी आकारों को पहचानने जैसी गतिविधियों को आकार-समझ से जोड़ा गया है। कागज को लम्बाई के साथ एक बार मोड़ने पर मुड़ा किनारा दर्पण-रेखा की तरह काम करता है। मुड़े किनारे के कोने से समकोण त्रिभुज काटने पर कटाई दोनों तहों पर साथ-साथ लगती है। खोलने पर एक तरफ का कटा भाग दूसरी तरफ उसी का दर्पण प्रतिबिंब बनकर दिखता है। इसलिए दो बराबर प्रतिबिंबित हिस्से मिलकर ऐसा त्रिभुज बनाते हैं जिसकी दो भुजाएं बराबर होती हैं; यही समद्विबाहु त्रिभुज है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) सिर्फ एक समकोण त्रिभुज तब दिखता जब कागज न खोला जाता; खोलने पर मोड़ के कारण उसका दूसरा प्रतिबिंब भी जुड़ जाता है।
- (C) यहां एक ही समकोण कट का दर्पण प्रतिबिंब बनता है, इसलिए खुलने पर अलग पतंग जैसा चार-भुजी आकार नहीं बनता।
- (D) इस कटाई में त्रिभुज का दर्पण प्रतिबिंब जुड़ता है; इसलिए परिणाम त्रिभुजीय रहता है, समांतर चतुर्भुज नहीं।
अवधारणा
कागज मोड़ने और दर्पण सममिति से मानसिक-योग्यता की आकार-कल्पना परखती है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि बिना चित्र बनाए मोड़, कटाई और खुलने के बाद बनने वाले आकार की कल्पना करनी पड़ती है।
