MCQ
पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता के 19 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1जैव विविधता के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: कथन 1: आनुवंशिक विविधता एक ही प्रजाति के भीतर भिन्नता को बताती है। कथन 2: पारितंत्र विविधता में वन, घासभूमि, आर्द्रभूमि और नदी जैसे आवासों की विविधता आती है। कथन 3: जैव विविधता का अर्थ केवल किसी क्षेत्र में जंगली जानवरों की संख्या है। कौन-से कथन सही हैं?
जैव विविधता को तीन स्तरों पर पढ़ना चाहिए: आनुवंशिक, प्रजाति और पारितंत्र। आनुवंशिक विविधता एक ही प्रजाति के भीतर भिन्नता है, जैसे देसी फसल किस्में या स्थानीय जनसंख्या। पारितंत्र विविधता में वन, घासभूमि, आर्द्रभूमि, नदी और अन्य आवासों तथा प्रक्रियाओं की विविधता आती है। जैव विविधता केवल जंगली जानवरों की गिनती है, यह बात सीधे गलत बताई गई है। इसलिए आनुवंशिक विविधता और पारितंत्र विविधता वाले कथन सही हैं।
प्र.2सूची I को सूची II से मिलाइए। सूची I: 1. वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 2. वन संरक्षण अधिनियम, 1980 3. जैव विविधता अधिनियम, 2002 4. राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 सूची II: a. वन भूमि को गैर-वन उपयोग में बदलने पर नियंत्रण b. संरक्षित क्षेत्र, शिकार-प्रतिबंध और प्रजाति संरक्षण c. निर्दिष्ट पर्यावरणीय प्रश्नों के लिए न्यायिक मंच d. संरक्षण, सतत उपयोग और लाभ-साझेदारी
कानूनों को उनके ठीक काम से जोड़ने पर जोर है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 संरक्षित क्षेत्रों, शिकार-प्रतिबंधों, सूचियों और प्रजाति संरक्षण से जुड़ता है। वन संरक्षण अधिनियम, 1980 वन भूमि के गैर-वन उपयोग पर नियंत्रण रखता है। जैव विविधता अधिनियम, 2002 संरक्षण, सतत उपयोग और लाभ-साझेदारी पर केंद्रित है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 निर्दिष्ट पर्यावरणीय प्रश्नों के लिए न्यायिक मंच देता है। वन्यजीव संरक्षण, वन भूमि नियंत्रण, लाभ-साझेदारी और पर्यावरणीय न्याय वाला मिलान हर कानून को उसके उद्देश्य से जोड़ता है।
प्र.3पर्यावरणीय कानून या संस्था को उसके काम से मिलाइए: सूची I: 1. वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 2. पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 3. जैव विविधता अधिनियम, 2002 4. राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 सूची II: क. पर्यावरण गुणवत्ता के संरक्षण और सुधार के लिए व्यापक छत्र-कानून ख. महत्त्वपूर्ण पर्यावरणीय मामलों के त्वरित निपटारे का विशेष मंच ग. संरक्षित क्षेत्र, शिकार नियंत्रण और सूचीबद्ध प्रजातियों की विधिक सुरक्षा घ. जैव विविधता प्राधिकरण, बोर्ड और समितियों का कानूनी ढाँचा सही मिलान चुनिए।
कानूनों को उनके उद्देश्य से जोड़कर याद करने को कहा जाता है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 संरक्षित क्षेत्रों, शिकार नियंत्रण और प्रजाति सुरक्षा से जुड़ा है। पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 पर्यावरण गुणवत्ता के संरक्षण और सुधार का व्यापक छत्र-कानून है। जैव विविधता अधिनियम, 2002 राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण, राज्य बोर्ड और स्थानीय समितियों का ढाँचा देता है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 पर्यावरणीय मामलों के तेज निपटारे का विशेष मंच बनाता है।
प्र.4पर्यावरण और पारिस्थितिकी के बीच सही अंतर कौन सा कथन सबसे ठीक बताता है?
मूल पकड़ यह है कि पर्यावरण वह व्यापक परिवेश है जिसमें जीव और मानव-समाज रहते हैं। इसमें वायु, जल, भूमि, ताप, प्रकाश, मिट्टी, जीव-जंतु, बस्तियाँ, उद्योग, कृषि और संस्थाएँ आ सकती हैं। पारिस्थितिकी इससे अधिक विशिष्ट अध्ययन है; यह जीवों के आपसी संबंध, ऊर्जा प्रवाह, पदार्थ चक्र और समुदायों के बदलाव को समझती है। इसलिए कोई नियम या विकास-परियोजना पर्यावरणीय शासन हो सकती है, लेकिन उसके खाद्य-जाल, मिट्टी-जीव या आर्द्रभूमि पर प्रभाव का अध्ययन पारिस्थितिकी है।
प्र.5बताई गई संरक्षण पद्धतियों के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
गलत बात यह है कि स्थल-बाह्य संरक्षण प्राकृतिक आवास-सुरक्षा का पूरा विकल्प बन जाता है। स्थल-बाह्य संरक्षण को मूल आवास से बाहर की पद्धति बताया जाता है, जैसे बीज-बैंक, जीन-बैंक, वनस्पति उद्यान, प्राणि उद्यान, ऊतक-संवर्धन और कैप्टिव प्रजनन। यह उपयोगी सहारा है, पर प्राकृतिक आवास का विकल्प नहीं है। स्थल-आधारित संरक्षण जीवों को उनके प्राकृतिक आवास या सामुदायिक परिदृश्य में बचाता है, और जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र कोर, बफर और संक्रमण क्षेत्रों से काम करते हैं।
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और प्रश्न
6जैव विविधता के स्तरों पर निम्न कथन पढ़िए: कथन 1: आनुवंशिक विविधता का अर्थ एक ही प्रजाति के भीतर भिन्नता है। कथन 2: प्रजाति विविधता का अर्थ केवल बड़े वन्य जानवरों की मौजूदगी है। कथन 3: पारिस्थितिकी तंत्र विविधता में वन, घासभूमि, मरुस्थल, आर्द्रभूमि, नदियाँ और मैंग्रोव जैसे आवास आते हैं। कौन-से कथन सही हैं?
7पर्यावरणीय कानून या अभिसमय को उसके सही कार्य से मिलाइए। सूची I: 1. पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 2. जैव विविधता अधिनियम, 2002 3. राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 4. जैव विविधता अभिसमय, 1992 सूची II: a. प्रमुख पर्यावरणीय मामलों के प्रभावी और शीघ्र निपटारे के लिए विशेष मंच b. पर्यावरणीय गुणवत्ता के संरक्षण और सुधार के लिए छत्र-कानून c. संरक्षण, सतत उपयोग और न्यायसंगत लाभ-विभाजन को वैश्विक जैव विविधता स्तंभ बनाना d. भारत में जैव विविधता शासन के लिए राष्ट्रीय, राज्य और स्थानीय संस्थाएँ
8पर्यावरण और पारिस्थितिकी के बीच का फर्क सबसे ठीक किस कथन में आता है?
9राजस्थान की आर्द्रभूमि के उदाहरणों के बारे में निम्न में से कौन-सा कथन गलत है?
10सूची I को सूची II से मिलाइए: सूची I: 1. स्थल-आधारित संरक्षण 2. स्थल-बाह्य संरक्षण 3. जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र 4. रामसर दर्जा सूची II: क. बीज-बैंक, जीन-बैंक या प्राणि उद्यान के माध्यम से मूल आवास से बाहर संरक्षण ख. अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों की पहचान ग. प्राकृतिक आवास या सामुदायिक परिदृश्य में संरक्षण घ. संरक्षण, शोध और सतत उपयोग के लिए कोर, बफर और संक्रमण क्षेत्र सही कूट चुनिए।
11संरक्षण की पद्धतियों के बारे में निम्न में से कौन-सा कथन गलत है?
12अभिकथन (A): गलियारे का मूल्यांकन इस आधार पर होना चाहिए कि वह आवाजाही और पारिस्थितिक आदान-प्रदान करा पाता है या नहीं, केवल इस आधार पर नहीं कि वह पेड़ों की पट्टी है। कारण (R): सड़क, नहर, खदान, शहरी फैलाव या बाड़बंद ढाँचा आवास को खंडित करके आवाजाही रोक सकता है, जीन प्रवाह घटा सकता है और मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ा सकता है।
13एक जलीय खाद्य-श्रृंखला में कोई टिकाऊ प्रदूषक पहले मछली के शरीर में जमा होता है और बाद में ऐसी कई मछलियाँ खाने वाले पक्षियों में अधिक सांद्रता दिखाता है। इन दोनों अवस्थाओं के लिए सही शब्द-युग्म कौन सा है?
14पारितंत्रीय प्रक्रियाओं के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए। कथन 1: पारितंत्र में ऊर्जा प्रवाह एकदिश होता है। कथन 2: कार्बन, नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और जल जैसे पोषक भी केवल एक दिशा में चलते हैं। कथन 3: जैव-संचयन किसी पदार्थ का एक जीव के शरीर में जमा होना है। कथन 4: जैव-वृद्धि का अर्थ है ऊँचे पोषण-स्तरों पर किसी पदार्थ की सांद्रता घटना। कौन-से कथन सही हैं?
15अभिकथन और कारण पढ़िए: अभिकथन (A): जैव आवर्धन का अर्थ उच्च पोषण स्तरों में टिकाऊ प्रदूषक की बढ़ती हुई सांद्रता है। कारण (R): पोषण स्तरों के बीच ऊर्जा-हस्तांतरण असीमित होता है, इसलिए लंबी खाद्य-श्रृंखलाएँ सामान्यतः बहुत अधिक दक्ष होती हैं। सही उत्तर चुनिए।
