MCQ
समुद्री इको-लेबलिंग MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए समुद्री इको-लेबलिंग के 2 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1सीएमएफआरआई द्वारा तैयार समुद्री इको-लेबलिंग के राष्ट्रीय दिशानिर्देशों के प्रारूप के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:\n1. प्रारूप अपने अनन्य आर्थिक क्षेत्र के भीतर समुद्री मात्स्यिकी संसाधनों पर भारत के संप्रभु अधिकारों की पुनः पुष्टि करता है।\n2. प्रस्तावित ढांचा पारंपरिक एवं दस्तकार मछुआरों की प्रमाणन प्रक्रियाओं में समान भागीदारी का आह्वान करता है।\nऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
दोनों कथन सही हैं। प्रारूप अनन्य आर्थिक क्षेत्र के भीतर समुद्री मात्स्यिकी संसाधनों पर भारत के संप्रभु अधिकारों की पुनः पुष्टि करता है, और ढांचा पारंपरिक एवं दस्तकार मछुआरों की प्रमाणन प्रक्रियाओं में समान भागीदारी का आह्वान करता है ताकि वैध हितधारक वंचित न रहें।
प्र.2सीएमएफआरआई द्वारा तैयार समुद्री इको-लेबलिंग के राष्ट्रीय दिशानिर्देशों के प्रारूप के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:\n1. भारत के पास समुद्री खाद्य प्रमाणन प्रक्रियाओं को संचालित करने हेतु पहले से एक सुस्थापित राष्ट्रीय तंत्र मौजूद है।\n2. दिशानिर्देशों को बिना किसी सार्वजनिक चर्चा के अंतिम रूप देकर बाध्यकारी कानून के रूप में अधिसूचित कर दिया गया।\nऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
दोनों कथन गलत हैं। भारत के पास वर्तमान में समुद्री खाद्य प्रमाणन प्रक्रियाओं को संचालित करने हेतु कोई राष्ट्रीय तंत्र नहीं है, इसीलिए सीएमएफआरआई ने यह प्रारूप तैयार किया। इसके अलावा, दिशानिर्देश केवल चर्चा पत्र के रूप में जारी किए गए, इन्हें अंतिम रूप देकर बाध्यकारी कानून के रूप में अधिसूचित नहीं किया गया।
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