प्रकाशित: 7 दिसंबर 2025समाचार स्रोतअर्थव्यवस्था
ऊर्जा पर स्थायी समिति की रिपोर्ट: पीएम-कुसुम और पीएम सूर्य घर सौर योजनाओं में कमियां
संसद की ऊर्जा संबंधी स्थायी समिति ने दो प्रमुख सौर ऊर्जा कार्यक्रमों — पीएम-कुसुम (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) और पीएम सूर्य घर (मुफ्त बिजली योजना) — के कार्यान्वयन की स्थिति की जांच करते हुए एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की।
पीएम-कुसुम, 2019 में शुरू की गई, का लक्ष्य किसानों को सौर पंप देकर भारत के कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाना है। पीएम सूर्य घर, फरवरी 2024 में शुरू की गई, एक करोड़ घरों में रूफटॉप सौर प्रणाली लगाने का लक्ष्य रखती है, जिसमें 78,000 रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है।
समिति की रिपोर्ट में कार्यान्वयन की कई प्रमुख कमियां बताई गईं: पहली, पीएम-कुसुम के तहत सब्सिडी वितरण में काफी देरी और कई राज्यों में लक्ष्य के मुकाबले 30% से कम भौतिक प्रगति; दूसरी, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश जैसे प्रमुख सौर राज्यों में भूमि आवंटन और ग्रिड कनेक्टिविटी से जुड़े राज्य-स्तरीय अनुपालन की कमी; तीसरी, आयातित सौर पैनलों पर भारी निर्भरता (मुख्यतः चीन से), जिससे आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े जोखिम सामने आते हैं।
प्रमुख सिफारिशों में घरेलू सौर विनिर्माण के लिए R&D अनुदान बढ़ाने की मांग की गई। राजस्थान के लिए यह रिपोर्ट विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो स्थापित क्षमता के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा सौर ऊर्जा राज्य है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पीएम-कुसुम क्या है और इसे कब शुरू किया गया था?
पीएम-कुसुम (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) 2019 में शुरू किया गया था। इसका लक्ष्य किसानों को सौर पंप प्रदान करके भारतीय कृषि को सौर ऊर्जा से जोड़ना है।
पीएम सूर्य घर (मुफ्त बिजली योजना) क्या है और इसका लक्ष्य क्या है?
पीएम सूर्य घर फरवरी 2024 में शुरू किया गया। इसका लक्ष्य 78,000 रुपये तक की सब्सिडी के साथ एक करोड़ घरों में रूफटॉप सौर प्रणाली लगाना है।
ऊर्जा स्थायी समिति ने इन योजनाओं के क्रियान्वयन में कौन-सी मुख्य कमियां पहचानीं?
समिति ने सब्सिडी वितरण में देरी, कई राज्यों में 30% से कम भौतिक प्रगति, भूमि आवंटन और ग्रिड कनेक्टिविटी पर राज्य-स्तर पर कम अनुपालन, और आयातित सौर पैनलों पर भारी निर्भरता को मुख्य कमियां माना। यह निर्भरता मुख्यतः चीन पर है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े जोखिम पैदा होते हैं।
घरेलू सौर विनिर्माण पर समिति ने क्या सिफारिश की?
समिति ने स्वदेशी आपूर्ति श्रृंखला बनाने के लिए घरेलू सौर विनिर्माण में R&D के लिए अधिक अनुदान देने की सिफारिश की।
राजस्थान इन सौर योजनाओं के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक क्यों है?
राजस्थान स्थापित क्षमता के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा सौर ऊर्जा राज्य है। पीएम-कुसुम और पीएम सूर्य घर, दोनों के क्रियान्वयन में यह प्रमुख राज्य है।