2026 की शुरुआत में पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य — विश्व का सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस चोकपॉइंट — बंद हो गया, जिससे भारत की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला बुरी तरह प्रभावित हुई। भारत अपनी लगभग 60% LPG (द्रवीभूत पेट्रोलियम गैस) और LNG की बड़ी मात्रा होर्मुज के रास्ते आयात करता है, जिनमें से लगभग 90% आपूर्ति बाधित हुई। इससे LPG में अनुमानित 54% आपूर्ति व्यवधान आया — जिसका सीधा असर भारत के 33 करोड़ पंजीकृत उज्ज्वला और घरेलू LPG कनेक्शनों पर पड़ता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 मार्च 2026 को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और ऊर्जा सचिवों के साथ एक आपातकालीन वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता की। इसमें ईंधन आपूर्ति प्रबंधन की समीक्षा, सामरिक पेट्रोलियम भंडार को सक्रिय करने और तेल विपणन कंपनियों (HPCL, BPCL, IOC) के साथ केप ऑफ गुड होप और वैकल्पिक LNG टर्मिनलों के रास्ते आकस्मिक आपूर्ति मार्गों के समन्वय पर चर्चा हुई।

राजस्थान के लिए, जहां 86 लाख से अधिक प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) लाभार्थी हैं, यह संकट ग्रामीण परिवारों, आतिथ्य क्षेत्र और भिवाड़ी, जोधपुर व जयपुर की औद्योगिक इकाइयों के लिए गंभीर चुनौती है।