प्रकाशित: 7 अक्टूबर 2025NobelPrize.orgविज्ञान-प्रौद्योगिकी
नोबेल भौतिकी 2025: मैक्रोस्कोपिक क्वांटम प्रभावों पर शोध से क्वांटम कंप्यूटिंग क्रांति की राह कैसे खुली
2025 का नोबेल भौतिकी पुरस्कार उस शोध के लिए दिया गया, जिसने साबित किया कि क्वांटम यांत्रिकी केवल उपपरमाणविक दुनिया तक सीमित नहीं है। जॉन क्लार्क ने कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले में अतिचालक क्वांटम व्यतिकरण उपकरण (SQUID) पर अग्रणी काम किया। यह चुंबकीय क्षेत्र मापने के लिए सबसे संवेदनशील उपकरणों में से एक है। मिशेल डेवोरे ने येल में पहला सुपरकंडक्टिंग क्यूबिट, 'क्वांट्रोनियम', बनाया। यह क्वांटम कंप्यूटरों का बुनियादी घटक बना।
जॉन मार्टिनिस ने कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय, सांता बारबरा में 2019 के गूगल क्वांटम श्रेष्ठता प्रयोग का नेतृत्व किया। इसमें सिकामोर प्रोसेसर ने 200 सेकंड में ऐसी गणना की, जिसे पूरा करने में एक शास्त्रीय सुपरकंप्यूटर को लगभग 10,000 वर्ष लगते। उनके संयुक्त कार्य से साबित हुआ कि मैक्रोस्कोपिक विद्युत परिपथ भी सुपरपोज़िशन और क्वांटम उलझाव जैसे व्यवहार दिखा सकते हैं।
इस शोध से सुपरकंडक्टिंग क्यूबिट विकसित हुए। वे इस समय गूगल, आईबीएम और अन्य कंपनियों द्वारा बनाए जा रहे क्वांटम कंप्यूटरों की प्रमुख तकनीक हैं। उनका उपयोग क्रिप्टोग्राफी, दवा खोज, सामग्री विज्ञान और अनुकूलन की समस्याओं में होता है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: 2025 के नोबेल भौतिकी पुरस्कार विजेताओं के मैक्रोस्कोपिक क्वांटम प्रभावों पर किए गए काम ने क्वांटम कंप्यूटिंग क्रांति को कैसे संभव बनाया? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
क्लार्क ने चुंबकीय क्षेत्र का बेहद संवेदनशील मापन करने वाले SQUID पर अग्रणी काम किया। डेवोरे ने क्वांटम कंप्यूटर के बुनियादी घटक के रूप में पहला सुपरकंडक्टिंग क्यूबिट बनाया। मार्टिनिस ने गूगल के 2019 के क्वांटम श्रेष्ठता प्रयोग का नेतृत्व किया, जिसमें सिकामोर प्रोसेसर ने 200 सेकंड में वह गणना पूरी की जिसे करने में शास्त्रीय सुपरकंप्यूटर को लगभग 10,000 वर्ष लगते। इससे साबित हुआ कि मैक्रोस्कोपिक परिपथ सुपरपोज़िशन और क्वांटम उलझाव दिखा सकते हैं।
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
सुपरकंडक्टिंग क्वांटम इंटरफेरेंस डिवाइस, यानी स्क्विड, 2025 के नोबेल भौतिकी विजेता जॉन क्लार्क के शुरुआती महत्वपूर्ण कार्य से जुड़ा है। इसका मुख्य उपयोग किस भौतिक राशि को मापने में होता है?
व्याख्या · सही उत्तर BSQUID (सुपरकंडक्टिंग क्वांटम इंटरफेरेंस डिवाइस), जिसका बीड़ा UC बर्कले में जॉन क्लार्क ने उठाया, चुंबकीय क्षेत्रों को मापने के लिए सबसे संवेदनशील उपकरणों में से एक है। यह सुपरकंडक्टिंग परिपथों में क्वांटम प्रभावों का उपयोग करता है और चिकित्सा इमेजिंग (मैग्नेटोएन्सेफैलोग्राफी), भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और मूलभूत भौतिकी अनुसंधान में व्यापक रूप से प्रयुक्त होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
SQUID क्या है और इस पर अग्रणी काम किसने किया?
2025 का नोबेल भौतिकी पुरस्कार पाने वाले **जॉन क्लार्क** ने **अतिचालक क्वांटम व्यतिकरण उपकरण (SQUID)** पर अग्रणी काम किया। यह **चुंबकीय क्षेत्र** मापने के लिए दुनिया के सबसे संवेदनशील उपकरणों में से एक है। इसका इस्तेमाल मस्तिष्क की इमेजिंग, पनडुब्बियों का पता लगाने और मूलभूत भौतिकी में होता है।
पहला सुपरकंडक्टिंग क्यूबिट किसने बनाया और उसका नाम क्या था?
**मिशेल डेवोरे** ने पहला सुपरकंडक्टिंग क्यूबिट **क्वांट्रोनियम** बनाया, जो क्वांटम कंप्यूटरों का बुनियादी घटक है। यह मैक्रोस्कोपिक क्वांटम यांत्रिकी पर उनके उस काम का सीधा परिणाम था, जिसके लिए उन्हें **2025 का नोबेल भौतिकी पुरस्कार** मिला।
2019 का गूगल क्वांटम श्रेष्ठता प्रयोग क्या था?
**जॉन मार्टिनिस** के नेतृत्व में गूगल के **सिकामोर प्रोसेसर** ने **200 सेकंड** में ऐसी गणना की, जिसे पूरा करने में एक शास्त्रीय सुपरकंप्यूटर को लगभग **10,000 वर्ष** लगते। इस प्रयोग ने 2019 में पहली बार क्वांटम श्रेष्ठता दिखाई।
नोबेल भौतिकी 2025 के काम ने क्वांटम कंप्यूटिंग क्रांति की राह कैसे खोली?
क्लार्क, डेवोरे और मार्टिनिस ने दिखाया कि मैक्रोस्कोपिक सुपरकंडक्टिंग परिपथों में **क्वांटम-यांत्रिक प्रभाव**, जैसे टनलिंग और क्वांटित ऊर्जा स्तर, पाए जाते हैं। इससे **सुपरकंडक्टिंग क्यूबिट** विकसित हुए। ये गूगल, आईबीएम और अन्य कंपनियों के क्वांटम कंप्यूटरों की प्रमुख तकनीक हैं तथा क्रिप्टोग्राफी, दवा खोज और सामग्री विज्ञान में उपयोगी हैं।
नोबेल भौतिकी 2025 से जुड़ी क्वांटम कंप्यूटिंग किन उद्योगों को बदलेगी?
क्लार्क, डेवोरे और मार्टिनिस के काम से संभव हुई क्वांटम कंप्यूटिंग **क्रिप्टोग्राफी**, **दवाओं की खोज**, **सामग्री विज्ञान**, **वित्तीय मॉडलिंग** और **माल-ढुलाई की योजना को बेहतर बनाने** में बड़ा बदलाव लाएगी। इन क्षेत्रों में क्वांटम कंप्यूटर शास्त्रीय कंप्यूटरों की तुलना में गणना की गति में घातांकीय बढ़त देते हैं।