भारत की पहली समर्पित बहु-तरंगदैर्ध्य अंतरिक्ष खगोल विज्ञान वेधशाला AstroSat ने 28 सितंबर 2025 को कक्षा में 10 वर्ष पूरे किए। 28 सितंबर 2015 को श्रीहरिकोटा से PSLV-C30 (XL) द्वारा प्रक्षेपित इस उपग्रह ने अपनी निर्धारित पांच वर्ष की मिशन अवधि से कहीं अधिक समय पूरा कर लिया है और अब भी वैज्ञानिक डेटा दे रहा है।

AstroSat एक ही प्लेटफ़ॉर्म से विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम के दृश्य, पराबैंगनी, निम्न-ऊर्जा और उच्च-ऊर्जा एक्स-रे क्षेत्रों में एक साथ अवलोकन कर सकता है। 10 वर्षों में इससे 500 से अधिक वैज्ञानिक प्रकाशन हुए हैं और वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय से 2,000 से अधिक अवलोकन प्रस्ताव मिले हैं। प्रमुख खोजों में नौ अरब प्रकाश-वर्ष दूर से सुदूर-पराबैंगनी फोटॉन का पता लगाना और बटरफ्लाई नेबुला के उत्सर्जन का विस्तृत अध्ययन शामिल है।