प्रधानमंत्री कार्यालय ने 12 अप्रैल 2026 को घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 अप्रैल 2026 को सुबह लगभग 11 बजे नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय स्तर के 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' में भाग लेंगे और उसे संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में शासन, शिक्षा, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया, समाजसेवा और संस्कृति जैसे विविध क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियाँ तथा उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाएँ शामिल होंगी। यह विकसित भारत 2047 की दृष्टि में महिला-नेतृत्व वाले विकास को केंद्रीय स्तंभ के रूप में रेखांकित करेगा। यह आयोजन 16 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाले तीन दिवसीय विशेष संसद सत्र से ठीक पहले रखा गया है, जिसमें सरकार 2027 के बाद परिसीमन की प्रतीक्षा किए बिना 2011 जनगणना के आधार पर 2029 के आम चुनावों तक लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के एक-तिहाई कोटे को लागू करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम (संविधान 106वाँ संशोधन अधिनियम, 2023) में संशोधन प्रस्तुत करने की योजना बना रही है। प्रधानमंत्री मोदी इस सम्मेलन का उपयोग संशोधन के लिए राजनीतिक एवं सार्वजनिक समर्थन जुटाने तथा सरकार की प्रमुख महिला-केंद्रित पहलों—लखपति दीदी, ड्रोन दीदी, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में महिला सह-स्वामित्व तथा मिशन शक्ति—को रेखांकित करने के लिए करेंगे। उनसे विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख महिला उपलब्धिकर्ताओं का अभिनंदन करने की भी अपेक्षा है। राजनीतिक पर्यवेक्षक सम्मेलन एवं आगामी संसद सत्र को 2029 के चुनावी आख्यान के केंद्र में महिला सशक्तिकरण को रखने के समन्वित कदमों के रूप में देख रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी 13 अप्रैल को विज्ञान भवन में राष्ट्रीय नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित करेंगे, विशेष संसद सत्र से पहले
प्रधानमंत्री कार्यालय ने 12 अप्रैल 2026 को घोषणा की कि प्रधानमंत्री मोदी 13 अप्रैल को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित करेंगे, ताकि महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास और 16-18 अप्रैल के विशेष संसद सत्र के लिए समर्थन जुटाया जा सके, जिसमें 2029 तक महिला आरक्षण लागू करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन किया जाएगा।
मुख्य तथ्य
- प्रधानमंत्री मोदी 13 अप्रैल 2026 को सुबह लगभग 11 बजे नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित करेंगे
- आयोजन 16-18 अप्रैल के महिला आरक्षण संशोधन पर विशेष संसद सत्र की पूर्व संध्या पर रखा गया है
- सम्मेलन में शासन, शिक्षा, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया, समाजसेवा और संस्कृति से जुड़ी प्रतिष्ठित हस्तियों तथा उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाओं की भागीदारी होगी
- विषय: विकसित भारत 2047 के केंद्रीय स्तंभ के रूप में महिला-नेतृत्व आधारित विकास
- प्रधानमंत्री लखपति दीदी, ड्रोन दीदी, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला, पीएमएमवीवाई एवं मिशन शक्ति जैसी प्रमुख योजनाओं का उल्लेख करेंगे
- सम्मेलन शासन, शिक्षा, विज्ञान, खेल, उद्यमिता एवं समाजसेवा में उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाओं का अभिनंदन करेगा
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत में महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए अप्रैल 2026 के विशेष संसद सत्र में प्रस्तावित नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधनों के महत्व की चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
16-18 अप्रैल 2026 का विशेष संसद सत्र 2011 जनगणना के आधार पर 2029 तक लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक-तिहाई महिला आरक्षण लागू करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का लक्ष्य रखता है। इससे पहले विज्ञान भवन में हुए सम्मेलन ने शासन, विज्ञान और उद्यमिता की सफल महिलाओं को एक जगह लाकर राजनीतिक माहौल बनाया।
इस विषय की स्थिर तैयारी
इस खबर के पीछे का स्थायी सिलेबस पढ़ें।
6-अक्ष वर्गीकरण
यह टॉपिक में दिखता है
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को किस स्थान पर संबोधित किया?
12 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री कार्यालय की घोषणा के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी 13 अप्रैल 2026 को सुबह लगभग 11 बजे नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित करेंगे। यह आयोजन न तो भारत मंडपम में है और न ही लाल किले पर।
स्रोत: PMO / DD News
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रधानमंत्री मोदी नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को कहाँ और कब संबोधित करेंगे?
प्रधानमंत्री मोदी 13 अप्रैल 2026 को सुबह लगभग 11 बजे नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
सम्मेलन को राजनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण क्यों माना जा रहा है?
इसे 16-18 अप्रैल 2026 के तीन दिवसीय विशेष संसद सत्र से ठीक पहले निर्धारित किया गया है, जिसमें सरकार 2029 के आम चुनावों तक महिलाओं के एक-तिहाई कोटे को लागू करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन प्रस्तुत करने की योजना बना रही है।
सम्मेलन में किन सरकारी योजनाओं पर जोर दिए जाने की संभावना है?
प्रधानमंत्री मोदी अन्य प्रमुख महिला-केंद्रित पहलों के साथ लखपति दीदी, ड्रोन दीदी, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला, पीएम मातृ वंदना योजना एवं मिशन शक्ति को प्रमुखता से रख सकते हैं।
सम्मेलन में किसके भाग लेने की उम्मीद है?
शासन, शिक्षा, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया, समाजसेवा और संस्कृति से जुड़ी प्रतिष्ठित हस्तियों तथा उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाओं के सम्मेलन में भाग लेने की उम्मीद थी।
क्या यह उपयोगी था?
सुधार या छूटा परीक्षा दृष्टिकोण संपादकीय टीम को भेजें।
प्रतिक्रिया भेजें