केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल 25 मई 2026 को 150 सदस्यीय भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए ओटावा पहुंचे। यह कनाडा की तीन दिवसीय यात्रा है, जिसका उद्देश्य भारत कनाडा व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते पर बातचीत को तेज करना और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को तीन गुना बढ़ाकर 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाना है। यात्रा 25 मई 2026 को ओटावा में उच्च स्तरीय बैठकों के साथ शुरू हुई, जिसके बाद 26 से 27 मई 2026 तक टोरंटो में दो दिवसीय कार्यक्रम है, जिसमें कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मानिंदर सिद्धू के साथ बैठकें होंगी। 26 मई 2026 को द्विपक्षीय बैठक के बाद दोनों पक्ष सीईपीए के समापन की समयसीमा को पहले की दिसंबर समयसीमा से आगे बढ़ाकर नवंबर 2026 तक करने पर सहमत हुए, ताकि समझौता जी ट्वेंटी शिखर सम्मेलन से पहले पूरा किया जा सके। सीईपीए को एक व्यापक व्यापार और निवेश समझौते के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें वस्तुएं, सेवाएं, निवेश, डिजिटल व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा सुरक्षा, लचीली आपूर्ति श्रृंखलाएं, अवसंरचना निवेश, प्रौद्योगिकी सहयोग, गतिशीलता और मजबूत व्यापार साझेदारियां शामिल हैं। 2024-25 में वस्तुओं में भारत कनाडा द्विपक्षीय व्यापार लगभग 8.4 अरब अमेरिकी डॉलर रहा और सेवाओं का व्यापार अलग से 8 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। कनाडा में 16 लाख से अधिक भारतीय मूल के व्यक्ति रहते हैं, जिससे यह सबसे बड़े भारतीय प्रवासी समुदायों में से एक है, और भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली में विदेशी छात्रों का तीसरा सबसे बड़ा स्रोत है। दोनों देशों ने 2010 में प्रारंभिक प्रगति व्यापार समझौते और एक व्यापक व्यापार समझौते के लिए वार्ता शुरू की थी, लेकिन 2023 में राजनयिक तनावों के बाद बातचीत धीमी पड़ गई। वर्तमान पुनः जुड़ाव प्रधानमंत्री कार्नी के तहत आर्थिक संबंधों के बुनियादी सामान्यीकरण का संकेत है, जिसमें लिथियम, निकल, कोबाल्ट और दुर्लभ मृदा जैसे महत्वपूर्ण खनिजों पर ध्यान केंद्रित है, जिनके कनाडा के पास महत्वपूर्ण भंडार हैं।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 150 सदस्यीय भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए 25 मई 2026 को ओटावा पहुंचे; उद्देश्य भारत कनाडा व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते की वार्ताओं को आगे बढ़ाना है, जिसका घोषित लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को तीन गुना बढ़ाकर 50 अरब अमेरिकी डॉलर करना है; दोनों पक्ष जी ट्वेंटी शिखर सम्मेलन से पहले नवंबर तक समझौता पूरा करने का लक्ष्य रखे हुए हैं
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 25 मई 2026 से ओटावा में कनाडा गए 150 सदस्यीय भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया, ताकि भारत-कनाडा सीईपीए वार्ता को आगे बढ़ाया जा सके। दोनों पक्ष नवंबर 2026 तक समझौता पूरा करने और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को तीन गुना बढ़ाकर 50 अरब अमेरिकी डॉलर करने पर सहमत हुए।
मुख्य तथ्य
- केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 25 मई 2026 को ओटावा से अपनी आधिकारिक भागीदारी शुरू करते हुए कनाडा में 150 सदस्यीय भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया
- इस यात्रा के दौरान 25 मई 2026 को ओटावा और 26 से 27 मई 2026 तक टोरंटो में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मानिंदर सिद्धू के साथ बैठकें शामिल हैं
- भारत और कनाडा जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले नवंबर 2026 तक व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता पूरा करने पर सहमत हुए।
- 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को तीन गुना बढ़ाकर 50 अरब अमेरिकी डॉलर करने का लक्ष्य है; 2024-25 में मौजूदा वस्तु व्यापार 8.4 अरब अमेरिकी डॉलर और सेवा व्यापार 8 अरब अमेरिकी डॉलर है।
- सीईपीए में वस्तुएं, सेवाएं, निवेश, डिजिटल व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखलाएं और गतिशीलता शामिल होंगी।
- भारत-कनाडा वार्ता 2023 में राजनयिक तनावों के बाद धीमी पड़ गई थी, लेकिन प्रधानमंत्री कार्नी के कार्यकाल में फिर शुरू हुई है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत और कनाडा ने जी ट्वेंटी शिखर सम्मेलन से पहले नवंबर 2026 तक सीईपीए को अंतिम रूप देने पर सहमति व्यक्त की है। 2. दोनों देश नए समझौते के तहत 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को तीन गुना बढ़ाकर 50 अरब अमेरिकी डॉलर करने का लक्ष्य रखे हुए हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
दोनों कथन सही हैं। भारत और कनाडा ने 26 मई 2026 को सीईपीए पूरा करने की समयसीमा दिसंबर से बढ़ाकर नवंबर 2026 तक करने पर सहमति जताई, ताकि यह समझौता जी ट्वेंटी शिखर सम्मेलन से पहले तैयार हो सके। दोनों देश 2030 तक आपसी व्यापार को तीन गुना बढ़ाकर 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य भी रखते हैं।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
25 मई 2026 से शुरू होने वाली पीयूष गोयल की तीन दिवसीय कनाडा यात्रा का उद्देश्य क्या है?
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 25 मई 2026 से कनाडा में 150 सदस्यीय भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। इसका उद्देश्य भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते पर वार्ता तेज करना और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को तीन गुना बढ़ाकर 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाना था।
भारत कनाडा सीईपीए के समापन की नई समयसीमा क्या है?
26 मई 2026 की बैठकों के बाद दोनों पक्ष सीईपीए के समापन की समयसीमा को पहले तय दिसंबर से आगे बढ़ाकर नवंबर 2026 करने पर सहमत हुए, ताकि जी ट्वेंटी शिखर सम्मेलन से पहले समझौते को अंतिम रूप दिया जा सके।
भारत के साथ सीईपीए वार्ता में शामिल कनाडा के वर्तमान प्रधानमंत्री कौन हैं?
मार्क कार्नी कनाडा के प्रधानमंत्री हैं। वे भारत के साथ संबंधों को फिर से मजबूत करने की पहल कर रहे हैं और उन्होंने सीईपीए को गेम चेंजर बताया है, जिससे दोनों देशों के लिए एक बड़ा नया बाजार खुलेगा।
2024-25 में भारत कनाडा द्विपक्षीय व्यापार का स्तर क्या था?
2024-25 में भारत कनाडा द्विपक्षीय वस्तु व्यापार लगभग 8.4 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। इसके अलावा सेवा व्यापार करीब 8 अरब अमेरिकी डॉलर का था, जिससे कुल व्यापार 16.4 अरब अमेरिकी डॉलर के करीब पहुंच गया।
प्रस्तावित भारत कनाडा सीईपीए के मुख्य क्षेत्र क्या हैं?
सीईपीए में वस्तुएँ, सेवाएँ, निवेश, डिजिटल व्यापार, लिथियम, निकल, कोबाल्ट और दुर्लभ मृदा जैसे महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा सुरक्षा, लचीली आपूर्ति शृंखलाएँ, अवसंरचना निवेश, प्रौद्योगिकी सहयोग और गतिशीलता शामिल होंगी।
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