राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 28 मई 2026 को जयपुर के सरकारी सचिवालय में राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 कॉल सेंटर का अघोषित निरीक्षण किया, ताकि राज्य की सबसे बड़ी नागरिक शिकायत निवारण प्रणाली के जमीनी कामकाज की समीक्षा की जा सके। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने सीकर के प्रिंस, हनुमानगढ़ के पुनीराम और भरतपुर के हेमराज सहित तीन कॉल करने वालों से व्यक्तिगत रूप से फोन पर बात की तथा अनियमित बिजली आपूर्ति, राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम के तहत भूमि पट्टा परिवर्तन में देरी और राजस्थान सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के तहत जल आपूर्ति से जुड़ी उनकी शिकायतें सुनीं। मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों, ऊर्जा विभाग और सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को समयबद्ध निपटान के लिए मौके पर निर्देश दिए और कॉल करने वालों को त्वरित तथा प्रभावी समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने हेल्पलाइन की संचालन प्रक्रिया, शिकायत पंजीकरण की कार्यप्रणाली और निगरानी तंत्र की समीक्षा की तथा अधिकारियों को नियमित रूप से कर्मचारियों की प्रतिक्रिया लेने, बेहतर प्रदर्शन करने वालों को प्रोत्साहित करने और शिकायत निवारण प्रक्रियाओं की मजबूत निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। राजस्थान संपर्क पोर्टल, जो टोल फ्री 181 हेल्पलाइन, वेब और मोबाइल शिकायत पंजीकरण को एकीकृत करता है, राजस्थान लोक शिकायत अधिनियम 2018 के तहत स्थापित किया गया था और सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग द्वारा संचालित है। मुख्यमंत्री ने लंबित शिकायतों को जिला नोडल अधिकारियों तक भेजने, राजस्थान संपर्क केंद्रीकृत डैशबोर्ड के साथ एकीकरण और समयबद्ध निपटान के लिए राजस्थान लोक शिकायत निवारण तंत्र से मजबूत समन्वय का निर्देश दिया। यह कवायद भजनलाल शर्मा सरकार की सुशासन संवाद पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य विकसित राजस्थान 2047 दृष्टिकोण के तहत उत्तरदायी, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित शासन उपलब्ध कराना है।