राजस्थान: ई-गवर्नेंस पहल
मुख्य तथ्य
- जन आधार — राजस्थान की डिजिटल पहचान — राज्य की 97%+ आबादी नामांकित (~7.5 करोड़ व्यक्ति, 2.2 करोड़ परिवार) — 175+ योजनाएं एकीकृत; ₹78,300 करोड़ DBT सुलभ
- e-Mitra — नागरिक सेवा नेटवर्क — 75,000+ e-Mitra कियोस्क (CSC/कियोस्क-आधारित मॉडल) — 500+ G2C सेवाएं प्रदान करता है
- राजस्थान संपर्क — शिकायत निवारण - हेल्पलाइन 181 — एकीकृत शिकायत पोर्टल - वार्षिक 2 करोड़+ शिकायतें दर्ज - पहचान सत्यापन के लिए जन आधार से जुड़ा
- जन सूचना पोर्टल — पारदर्शिता नवाचार — 2019 में शुरू; 100+ योजनाओं का स्वप्रेरित सूचना प्रकाशन — 45+ विभागों का डेटा उपलब्ध
- राजस्थान IT नीति 2022 — 2 लाख IT/ITES रोजगार और ₹20,000 करोड़ IT निर्यात का लक्ष्य (2027 तक) — ₹10,000 करोड़ डिजिटल अवसंरचना निवेश लक्ष्य
मुख्य बिंदु
- 1
राजस्थान की ई-गवर्नेंस शीर्ष संस्था
- DoIT&C (सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग) शीर्ष संस्था है
- राज्य डेटा केंद्र और राजस्थान राज्यव्यापी क्षेत्र नेटवर्क की देख-रेख करता है
- ई-मित्र कियोस्क नेटवर्क और सभी डिजिटल नागरिक सेवाओं का प्रबंधन करता है
- 2
जन आधार — राजस्थान की डिजिटल पहचान
- राज्य की 97%+ आबादी नामांकित (~7.5 करोड़ व्यक्ति, 2.2 करोड़ परिवार)
- 175+ योजनाएं एकीकृत; ₹78,300 करोड़ DBT सुलभ
- 10 अंकीय परिवार पहचान संख्या; 18+ महिला अनिवार्य परिवार मुखिया
- 3
e-Mitra — नागरिक सेवा नेटवर्क
- 75,000+ e-Mitra कियोस्क (CSC/कियोस्क-आधारित मॉडल)
- 500+ G2C सेवाएं प्रदान करता है
- जन्म/मृत्यु प्रमाण-पत्र से पेंशन आवेदन तक सेवाएं उपलब्ध
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राजस्थान संपर्क — शिकायत निवारण
- हेल्पलाइन 181 — एकीकृत शिकायत पोर्टल
- वार्षिक 2 करोड़+ शिकायतें दर्ज
- पहचान सत्यापन के लिए जन आधार से जुड़ा
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जन सूचना पोर्टल — पारदर्शिता नवाचार
- 2019 में शुरू; 100+ योजनाओं का स्वप्रेरित सूचना प्रकाशन
- 45+ विभागों का डेटा उपलब्ध
- RTI दाखिल किए बिना लाभार्थी सूची, भुगतान, खनन पट्टे सुलभ
- UNDP, OGP द्वारा अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त
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RSWAN — राज्य नेटवर्क बैकबोन
- सचिवालय से ब्लॉक तक सभी सरकारी कार्यालयों को जोड़ता है
- सरकारी इंट्रानेट, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, ई-कार्यालय और सुरक्षित डेटा संचरण
- जन आधार प्रमाणीकरण और कल्याण योजना प्रबंधन का आधार
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राजस्थान IT नीति 2022
- 2 लाख IT/ITES रोजगार और ₹20,000 करोड़ IT निर्यात का लक्ष्य (2027 तक)
- ₹10,000 करोड़ डिजिटल अवसंरचना निवेश लक्ष्य
- 2027 तक शीर्ष-5 IT राज्य बनने का लक्ष्य
- जयपुर, जोधपुर, उदयपुर में IT पार्क विकास
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e-Dharti और DILRMP — भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण
- DILRMP के तहत राजस्थान ने भूमि अभिलेखों को डिजिटल किया
- e-Mitra से जमाबंदी की ऑनलाइन नकल उपलब्ध
- किसानों की पटवारी पर निर्भरता कम
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Raj e-Sign — इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर गेटवे
- सरकारी दस्तावेजों पर कानूनी इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर की सेवा
- प्रमाण-पत्र, संपत्ति पंजीकरण और योजना लाभ वितरण में उपयोग
- कागजी कार्रवाई में होने वाली देरी कम हुई
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सीएम डैशबोर्ड और राज दिशा
- राज दिशा = समग्र प्रशासन के लिए डिजिटल सूचना प्रणाली
- मुख्यमंत्री को जिलावार रियल-टाइम योजना प्रदर्शन डेटा
- GIS मानचित्रण से अवसंरचना निगरानी
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राजस्थान स्मार्ट सिटी — जयपुर ICCC
- ICCC एकल नियंत्रण कक्ष से 7 शहरी सेवाओं की निगरानी
- यातायात, ठोस अपशिष्ट, जल, ऊर्जा, मौसम, CCTV, सार्वजनिक सुरक्षा
- भारत के सर्वाधिक उन्नत ICCCs में मान्यता प्राप्त
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DigiRaj पहल — मोबाइल-फर्स्ट सेवा वितरण
- जन आधार से जुड़ी सेवाएं एकल मोबाइल प्लेटफॉर्म पर
- पेंशन, राशन, छात्रवृत्ति स्थिति उपलब्ध
- नागरिकों के लिए मोबाइल-फर्स्ट सेवा वितरण का लक्ष्य
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RPSC में राजस्थान की ई-गवर्नेंस पहलें क्यों महत्वपूर्ण हैं?
RPSC में राजस्थान की ई-गवर्नेंस पहलें इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यह विषय शासन, तकनीक, नागरिक सेवा वितरण, पारदर्शिता और कल्याण योजनाओं के सीधे क्रियान्वयन को एक साथ जोड़ता है।
यह विषय क्यों महत्वपूर्ण है
विषय 106, "राजस्थान: ई-शासन पहलें," शासन, तकनीक और नागरिक सेवा वितरण के संगम पर है। यह उच्च-प्राथमिकता उभरता विषय है — पिछले वर्षों के प्रश्न इतिहास में यह सीमित बार आया है, लेकिन RPSC 2026 में इसके पूछे जाने की संभावना बहुत अधिक है क्योंकि: (क) 2014 के बाद राजस्थान के डिजिटल शासन का व्यापक विस्तार हुआ, (ख) प्रत्यक्ष लाभ अंतरण की रीढ़ के रूप में जन आधार का राष्ट्रीय महत्व बना, और (ग) ई-मित्र ने बड़े राज्य-स्तरीय कियोस्क नेटवर्क के रूप में नागरिक सेवा वितरण को जमीन पर उतारा। RPSC के आधिकारिक सिलेबस पृष्ठ पर 09/01/2026 को राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवा संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा 2026 के मुख्य और प्रारम्भिक परीक्षा से जुड़े 5 सिलेबस/स्कीम दस्तावेज जारी दिखते हैं।
RPSC क्या पूछेगा
इस विषय में विस्तार यानी सभी प्रमुख ई-शासन पहलों का ज्ञान और गहराई यानी विशिष्ट संख्याएँ — 85,000 से अधिक ई-मित्र कियोस्क, 175 से अधिक योजनाएँ, 97 प्रतिशत से अधिक जन आधार नामांकन, 78,300 करोड़ रुपये प्रत्यक्ष लाभ अंतरण — दोनों आवश्यक हैं। अपेक्षित RPSC प्रश्न प्रारूप:
- 5 अंक: "जन आधार पर टिप्पणी लिखें" या "ई-मित्र पर टिप्पणी" — तथ्यात्मक/वर्णनात्मक
- 10 अंक: "राजस्थान की ई-शासन उपलब्धियों और चुनौतियों पर चर्चा करें" — विश्लेषणात्मक
याद रखने योग्य प्रमुख अंतर
- जन आधार राजस्थान का अपना परिवार-आधारित पहचान व्यवस्था है, राष्ट्रीय आधार से अलग, यद्यपि उससे जुड़ा
- ई-मित्र राजस्थान का कियोस्क सेवा नेटवर्क है, राष्ट्रीय सामान्य सेवा केंद्र मॉडल का अग्रदूत
- जन सूचना एक पारदर्शिता नवाचार है, सूचना का अधिकार व्यवस्था से अलग — प्रतिक्रियात्मक के बजाय स्वप्रेरित
- राजस्थान संपर्क शिकायत निवारण व्यवस्था है, जन सूचना से भिन्न
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मॉडल उत्तर
जन आधार राजस्थान की मूलभूत डिजिटल पहचान प्रणाली (जन आधार अधिनियम 2020) है जो 10-अंकीय परिवार पहचान संख्या से 175+ योजनाओं को जोड़ती है। राज्य की 97%+ आबादी (~7.5 करोड़) नामांकित; ₹78,300 करोड़ DBT सुलभ। 18 वर्ष से ऊपर महिला अनिवार्य परिवार मुखिया — महिला सशक्तिकरण का संरचनात्मक प्रावधान।
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