25 दिसंबर 2025 को सुशासन दिवस मनाया गया — यह दिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (25 दिसंबर 1924 – 16 अगस्त 2018) की जयंती पर पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित प्रशासन की उनकी विरासत का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है। 5वाँ सुशासन सप्ताह 19 से 25 दिसंबर 2025 तक कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा आयोजित किया गया। 2025 का विषय 'प्रशासन गाँव की ओर' था — इसका लक्ष्य शासन को जमीनी स्तर तक ले जाना था। सप्ताह दो चरणों में आयोजित हुआ: तैयारी अवधि (11–18 दिसंबर) और मुख्य आयोजन (19–25 दिसंबर)। गतिविधियों में जन संवाद शिविर, जिला स्तरीय शिकायत निवारण अभियान, ग्रामीण क्षेत्रों में ई-शासन प्रदर्शन सत्र और राज्यों के बीच श्रेष्ठ प्रथाओं का आदान-प्रदान शामिल थे। 25 दिसंबर को जिला कलेक्टरों और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने दूरदराज के गाँवों में पहुँच शिविर लगाए। सुशासन दिवस पहली बार 2014 में वाजपेयी की जयंती को पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित प्रतिक्रिया देने वाले प्रशासन के मूल्यों को बढ़ावा देने वाले दिन के रूप में मनाने के केंद्र सरकार के निर्देश पर आयोजित किया गया था।
सुशासन दिवस 2025: अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर 5वाँ सुशासन सप्ताह 'प्रशासन गाँव की ओर' विषय के साथ संपन्न
25 दिसंबर 2025 को सुशासन दिवस मनाया गया — यह दिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (25 दिसंबर 1924 – 16 अगस्त 2018) की जयंती पर उनकी पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित प्रशासन की विरासत को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। 5वाँ सुशासन सप्ताह 19 से 25 दिसंबर 2025 तक कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा आयोजित किया गया। 2025 का विषय 'प्रशासन गाँव की ओर' था — शासन को जमीनी स्तर तक ले जाने का लक्ष्य। सप्ताह दो चरणों में आयोजित हुआ: तैयारी अवधि (11–18 दिसंबर) और मुख्य आयोजन (19–25 दिसंबर)। गतिविधियों में जन संवाद शिविर, जिला स्तरीय शिकायत निवारण अभियान, ग्रामीण क्षेत्रों में ई-गवर्नेंस प्रदर्शन सत्र और राज्यों के बीच अच्छी कार्य-पद्धतियों का आदान-प्रदान शामिल थे। 25 दिसंबर को जिला कलेक्टरों और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने दूरदराज के गाँवों में संपर्क शिविर लगाए। सुशासन दिवस पहली बार 2014 में वाजपेयी की जयंती को पारदर्शिता, जवाबदेही और उत्तरदायी प्रशासन के मूल्यों को बढ़ावा देने वाले दिन के रूप में मनाने के केंद्र सरकार के निर्देश पर आयोजित किया गया था।
मुख्य तथ्य
- सुशासन दिवस 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर मनाया जाता है।
- 5वाँ सुशासन सप्ताह 19 से 25 दिसंबर 2025 तक आयोजित किया गया।
- 2025 का विषय 'प्रशासन गाँव की ओर' था, जिसका अर्थ शासन को ग्रामीण स्तर तक ले जाना है।
- कार्मिक मंत्रालय के अंतर्गत DARPG ने सप्ताह भर की गतिविधियाँ आयोजित कीं।
- गतिविधियों में जनसंवाद शिविर, शिकायत निवारण अभियान और ई-गवर्नेंस प्रदर्शन शामिल थे।
- जिला कलेक्टरों ने दूरदराज के गाँवों में सरकारी सेवाएँ पहुँचाने के लिए जनसंपर्क शिविर लगाए।
6-अक्ष वर्गीकरण
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कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत किस विभाग ने 5वें सुशासन सप्ताह 2025 का आयोजन किया?
लेख में स्पष्ट है कि सुशासन सप्ताह का आयोजन कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) ने किया।
स्रोत: PIB / DARPG
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत में 25 दिसंबर को सुशासन दिवस क्यों मनाया जाता है?
सुशासन दिवस 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (25 दिसंबर 1924 – 16 अगस्त 2018) की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है, जिन्हें पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित प्रशासन की अपनी विरासत के लिए याद किया जाता है। यह दिन सरकारी संस्थाओं और सार्वजनिक जीवन में सुशासन के मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए स्थापित किया गया था।
5वें सुशासन सप्ताह 2025 का विषय क्या था और इसके तहत कौन-सी गतिविधियाँ हुईं?
5वाँ सुशासन सप्ताह (19–25 दिसंबर 2025) कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत DARPG द्वारा आयोजित किया गया। इसका विषय था 'प्रशासन गाँव की ओर'। गतिविधियों में जनसंवाद शिविर, शिकायत निवारण अभियान, ई-गवर्नेंस प्रदर्शन और जिला कलेक्टरों द्वारा दूरदराज के गाँवों में संपर्क शिविर शामिल थे।
DARPG क्या है और भारत के शासन ढाँचे में इसकी क्या भूमिका है?
DARPG यानी प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है। यह भारत में प्रशासनिक सुधारों और लोक शिकायत निवारण पर नीति बनाने की नोडल एजेंसी है। यह सुशासन सप्ताह, राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना जैसी पहलों का आयोजन करती है और CPGRAMS (केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली) का प्रबंधन करती है।
'प्रशासन गाँव की ओर' विषय का क्या अर्थ है और यह भारत में जमीनी स्तर के शासन से कैसे जुड़ता है?
'प्रशासन गाँव की ओर' का शाब्दिक अर्थ है प्रशासन को ग्रामीण नागरिकों तक ले जाना — यानी उन्हें सरकारी कार्यालयों तक जाने के बजाय सरकारी सेवाएँ सीधे उपलब्ध कराना। यह विषय अनुच्छेद 40 (ग्राम पंचायत), 73वें संवैधानिक संशोधन (पंचायती राज) और PM मोदी के अंतिम छोर तक सेवा पहुँचाने के शासन दर्शन से जुड़ता है।
अटल बिहारी वाजपेयी कौन थे और भारतीय प्रशासन में उनके प्रमुख योगदान क्या थे?
अटल बिहारी वाजपेयी (1924–2018) भारत के पूर्व प्रधानमंत्री थे और उन्होंने पहली एनडीए सरकार का नेतृत्व किया जिसने पूर्ण कार्यकाल पूरा किया। उनके प्रमुख शासन योगदानों में राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना (स्वर्णिम चतुर्भुज), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY), सर्व शिक्षा अभियान और सूचना के अधिकार की नींव शामिल हैं। उन्हें 2015 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
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