22 मई 2026 की संध्या को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में कैलेंडर वर्ष 2026 की पहली केंद्रीय मंत्रिपरिषद बैठक की अध्यक्षता की। यह लंबी चर्चा लगभग चार घंटे तक चली तथा इसमें सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार के राज्य मंत्री और राज्य मंत्री उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री ने भारतीय स्वतंत्रता की शताब्दी वर्ष 2047 को विकसित भारत दृष्टि के अंतर्गत देश को पूर्ण रूप से विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य-वर्ष के रूप में रेखांकित किया तथा अपने सहयोगियों से जीवन सुगमता और व्यवसाय सुगमता को प्रत्येक मंत्रालय का एकीकृत संगठनात्मक सिद्धांत बनाने का आह्वान किया। आठ कैबिनेट मंत्रियों ने अपने विभागों से ली गई श्रेष्ठ पद्धतियों, सुधार पाइपलाइन और नागरिक प्रतिक्रिया तंत्र पर परिषद के समक्ष व्यवस्थित प्रस्तुतियाँ दीं — कृषि, पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन, श्रम और रोज़गार, सड़क परिवहन और राजमार्ग, कॉर्पोरेट कार्य, विदेश मामले, वाणिज्य और उद्योग तथा विद्युत। श्री मोदी ने निर्देश दिया कि सरकार के भीतर फाइलें बिना अनावश्यक विलंब के तेज़ी से आगे बढ़नी चाहिए। उन्होंने मंत्रालयों को अनुमोदन की समय-सीमा घटाने के निर्देश दिए तथा प्रत्येक विभाग से विकसित भारत 2047 मील के पत्थरों के अनुरूप 25 वर्षीय क्षेत्रवार रोडमैप प्रकाशित करने को कहा। उन्होंने न्यूनतम सरकार अधिकतम शासन, कल्याणकारी योजनाओं की मिशन-मोड में डिलीवरी, नियामक मंज़ूरियों के गहन डिजिटलीकरण और प्रमुख कार्यक्रमों के अंतर्गत पात्र लाभार्थी आधार की संतृप्ति पर बल दिया। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से कार्यालय फाइलों की अपेक्षा क्षेत्र दौरों पर अधिक समय बिताकर ज़मीनी समस्याओं को समझने को भी कहा। बैठक का समापन कैबिनेट सचिवालय को इस निर्देश के साथ हुआ कि वह प्रत्येक मंत्रालय को सुपुर्द कार्यों और त्रैमासिक समीक्षा मील के पत्थरों का एकीकृत प्रारूप परिचालित करे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 मई 2026 को नई दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज भवन में वर्ष 2026 की पहली केंद्रीय मंत्रिपरिषद बैठक की अध्यक्षता की तथा पूर्ण विकसित भारत के लिए लक्ष्य वर्ष 2047 निर्धारित करते हुए सभी मंत्रालयों को विकसित भारत दृष्टि के अंतर्गत जीवन सुगमता, व्यवसाय सुगमता और फाइलों के तेज निपटारे के लिए समयबद्ध रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया
प्रधानमंत्री मोदी ने 22 मई 2026 को वर्ष 2026 की पहली मंत्रिपरिषद बैठक की अध्यक्षता की तथा विकसित भारत के लिए 2047 का लक्ष्य तय करते हुए सभी मंत्रालयों को 25 वर्षीय रोडमैप प्रकाशित करने और मंजूरी की समयसीमाएँ घटाने का निर्देश दिया, जिसमें आठ मंत्रालयों ने जीवन सुगमता और व्यवसाय सुगमता सुधारों की पाइपलाइन प्रस्तुत की।
मुख्य तथ्य
- 2026 की पहली मंत्रिपरिषद बैठक प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में 22 मई 2026 को सुषमा स्वराज भवन, नई दिल्ली में आयोजित हुई
- चर्चा लगभग चार घंटे तक चली जिसमें सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री और राज्य मंत्री शामिल हुए
- विकसित भारत के तहत 2047 तक पूर्ण विकसित राष्ट्र का दर्जा हासिल करने के लक्ष्य की फिर पुष्टि की गई
- कृषि, पर्यावरण, श्रम, सड़क परिवहन, कॉर्पोरेट कार्य, विदेश, वाणिज्य और विद्युत के आठ मंत्रियों ने सुधारों की आगे की रूपरेखा प्रस्तुत की
- प्रधानमंत्री ने फाइलों के त्वरित निपटारे, मंजूरी की समय-सीमा घटाने तथा 25 वर्षीय क्षेत्रवार रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए
- कैबिनेट सचिवालय को सौंपे गए कार्यों और तिमाही समीक्षा के पड़ावों का एकीकृत प्रारूप जारी करना है
6-अक्ष वर्गीकरण
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22 मई 2026 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में वर्ष 2026 की पहली मंत्रिपरिषद बैठक हुई। विकसित भारत दृष्टि के अंतर्गत भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के लिए प्रधानमंत्री ने कौन-सा वर्ष लक्ष्य के रूप में निर्धारित किया?
प्रधानमंत्री ने भारतीय स्वतंत्रता की शताब्दी वर्ष 2047 को विकसित भारत दृष्टि के अंतर्गत भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य वर्ष निर्धारित किया। उन्होंने प्रत्येक मंत्रालय को विकसित भारत 2047 मील के पत्थरों के अनुरूप 25 वर्षीय क्षेत्रवार रोडमैप प्रकाशित करने का निर्देश दिया।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वर्ष 2026 की पहली मंत्रिपरिषद बैठक कब और कहाँ हुई?
22 मई 2026 की संध्या को नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में।
प्रधानमंत्री ने भारत के पूर्ण विकसित राष्ट्र बनने के लिए कौन सा लक्ष्य वर्ष निर्धारित किया?
भारतीय स्वतंत्रता की शताब्दी वर्ष 2047 की विकसित भारत दृष्टि के अंतर्गत।
बैठक में किन आठ मंत्रालयों ने प्रस्तुतियाँ दीं?
कृषि; पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन; श्रम और रोज़गार; सड़क परिवहन और राजमार्ग; कॉर्पोरेट कार्य; विदेश मामले; वाणिज्य और उद्योग; तथा विद्युत।
प्रधानमंत्री ने प्रत्येक मंत्रालय को कौन सा संगठनात्मक सिद्धांत अपनाने को कहा?
प्रत्येक मंत्रालय को जीवन सुगमता और व्यवसाय सुगमता को एकीकृत सिद्धांत बनाने तथा न्यूनतम सरकार अधिकतम शासन अपनाने को कहा गया।
कैबिनेट सचिवालय को क्या अनुवर्ती निर्देश दिया गया?
प्रत्येक मंत्रालय को सौंपे गए कार्यों और त्रैमासिक समीक्षा के लक्ष्यों का एकीकृत प्रारूप परिचालित करने का।
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