न्यूज ऑन एयर ने 1 मई 2026 को बताया कि गृह मंत्रालय ने जनगणना 2027 की स्व-गणना सुविधा राजस्थान में उसी दिन से शुरू कर दी। यही ऑनलाइन सुविधा दिल्ली नगर निगम क्षेत्र, महाराष्ट्र, मेघालय और झारखंड में भी शुरू हुई। राजस्थान के लिए इसका तात्कालिक महत्व प्रशासनिक है: घर-घर गृह सूचीकरण और आवास गणना अभियान शुरू करने से पहले परिवारों को अधिसूचित डिजिटल सुविधा मिलती है।

ऑनलाइन स्व-गणना सुविधा 15 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इसके बाद राजस्थान और अन्य सूचीबद्ध क्षेत्रों में संबंधित घर-घर गृह सूचीकरण अभियान 16 मई से 14 जून 2026 तक चलाया जाएगा। यह क्रम राजस्थान को उस समूह में रखता है जहां पहले डिजिटल भागीदारी होती है और उसके बाद क्षेत्रीय सत्यापन होता है। यह भी दिखाता है कि राष्ट्रीय सांख्यिकीय अभ्यास एक समान तारीख पर नहीं, बल्कि राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों की अलग-अलग समय-सारणी के अनुसार चरणबद्ध ढंग से चलाया जा रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया कि जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत गृह सूचीकरण और आवास गणना के क्षेत्रीय अभियान 1 मई से आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में शुरू हुए। ये क्षेत्रीय अभियान उनकी अधिसूचित 15-दिवसीय स्व-गणना अवधि पूरी होने के बाद 30 मई तक जारी रहेंगे। बिहार में 15-दिवसीय स्व-गणना अवधि 1 मई को समाप्त हो रही थी और घर-घर क्षेत्रीय अभियान 2 मई से 31 मई तक चलना था।

जनगणना 2027 के लिए शुरू की गई स्व-गणना सुविधा को उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है, क्योंकि 1 मई तक लगभग 82 लाख परिवारों ने आधिकारिक पोर्टल का उपयोग किया। मंत्रालय ने इसे जनगणना अभियानों के डिजिटलीकरण में महत्वपूर्ण पड़ाव बताया, क्योंकि इससे लोगों को लचीलापन, सुविधा और आसान भागीदारी मिलती है; साथ ही डेटा संग्रह और सत्यापन के लिए प्रशिक्षित गणनाकारों के घर-घर दौरे भी जारी रहते हैं।