केंद्रीय बजट 2026-27, जो 1 फरवरी 2026 को प्रस्तुत किया गया, में पर्यावरण पत्रिका Down to Earth के अनुसार NCR और आसपास के क्षेत्रों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) का आवंटन लगभग 10% घटाया गया। CAQM का बजट 2025-26 के संशोधित अनुमान ₹38.98 करोड़ से घटाकर 2026-27 में ₹35.26 करोड़ कर दिया गया।
CAQM की स्थापना वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (NCR और आसपास के क्षेत्र) अधिनियम, 2021 के तहत की गई थी। यह दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में प्रदूषण-रोधी उपायों का समन्वय करने वाला वैधानिक निकाय है। यह पराली जलाने, औद्योगिक उत्सर्जन, वाहन प्रदूषण और निर्माण धूल के लिए बाध्यकारी निर्देश जारी करता है।
कुल प्रदूषण नियंत्रण बजट में भी 2% की गिरावट आई, जबकि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) का समग्र आवंटन लगभग 10% बढ़ा। आलोचकों का कहना है कि इससे एक आंतरिक विरोधाभास दिखता है: मंत्रालय का दायरा बढ़ रहा है, लेकिन प्रवर्तन से जुड़ी शाखाओं के संसाधन घट रहे हैं। CAQM की परिचालन प्रभावशीलता, जैसे क्षेत्रीय निरीक्षण, डेटा प्रणाली और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के साथ समन्वय, सीधे वार्षिक बजट पर निर्भर है।
Down to Earth के विश्लेषण के अनुसार दिल्ली का AQI अक्टूबर–जनवरी के दौरान नियमित रूप से "गंभीर" स्तर पार करता है, इसलिए सर्दी से पहले का प्रवर्तन काल अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। बजट कटौती से क्षमता निर्माण धीमा हो सकता है, उप-समितियों का संचालन सीमित हो सकता है और रियल-टाइम निगरानी बुनियादी ढांचे का उन्नयन देर से हो सकता है।
राजस्थान सीधे CAQM के क्षेत्राधिकार में आता है। राज्य के भिवाड़ी-अलवर औद्योगिक समूह और पूर्वी राजस्थान के ईंट भट्टे CAQM की निगरानी में आते हैं, इसलिए यह बजट निर्णय RAS अभ्यर्थियों के लिए पर्यावरणीय शासन से जुड़े पहलुओं को समझने में सीधे प्रासंगिक है।
