10 दिसंबर 2025 को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने IndiGo के उड़ान कार्यक्रम में 10% कटौती का आदेश दिया। 9 दिसंबर को 5% कटौती के आदेश के बाद इसे बढ़ाया गया, क्योंकि एयरलाइन का उड़ान-प्रबंधन संकट नौवें दिन भी जारी रहा। 60% से अधिक घरेलू बाजार हिस्सेदारी वाली IndiGo ने दिसंबर के पहले दस दिनों में लगभग 4,500 उड़ानें रद्द कीं। संकट की मुख्य वजह 1 नवंबर 2025 से लागू नए FDTL नियम थे, जिनमें पायलटों के लिए 48 घंटे (पहले 36) का साप्ताहिक विश्राम और प्रति पायलट प्रति सप्ताह केवल दो रात्रि लैंडिंग की शर्त रखी गई थी। IndiGo ने स्वीकार किया कि उसने थकान से जुड़े नए नियमों के तहत क्रू की जरूरत का गलत आकलन किया। DGCA ने IndiGo को शाम 5 बजे तक संशोधित परिचालन कार्यक्रम प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने प्रभावित मार्गों पर हवाई किराए की सीमा तय की और सभी लंबित यात्री धनवापसी निपटाने का आदेश दिया। 17 जनवरी 2026 को DGCA ने इंडिगो पर ₹22.20 करोड़ का जुर्माना लगाया।
DGCA ने 10 दिसंबर 2025 को IndiGo की उड़ानों की अनुसूची में 10% कटौती का आदेश दिया; नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हवाई किराए की सीमा तय की और पूरी धनवापसी का निर्देश दिया
10 दिसंबर 2025 को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने IndiGo की उड़ान अनुसूची में 10% कटौती का आदेश दिया, जो 9 दिसंबर को दिए गए 5% कटौती आदेश से अधिक था, क्योंकि एयरलाइन की शेड्यूलिंग से जुड़ा संकट नौवें दिन भी जारी रहा। 60% से अधिक घरेलू बाजार हिस्सेदारी वाली IndiGo ने दिसंबर के पहले दस दिनों में लगभग 4,500 उड़ानें रद्द कीं। संकट की जड़ 1 नवंबर 2025 से लागू नए FDTL नियमों में थी, जिनके तहत पायलटों के लिए 48 घंटे (पहले 36) का साप्ताहिक विश्राम और प्रति पायलट प्रति सप्ताह केवल दो रात्रि लैंडिंग की शर्त रखी गई थी। IndiGo ने स्वीकार किया कि उसने थकान से जुड़े नए नियमों के तहत क्रू की आवश्यकता का गलत आकलन किया। DGCA ने IndiGo को शाम 5 बजे तक संशोधित परिचालन अनुसूची प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने प्रभावित मार्गों पर हवाई किराए की सीमा तय की और सभी लंबित यात्री धनवापसी की प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया। 17 जनवरी 2026 को DGCA ने IndiGo पर ₹22.20 करोड़ का जुर्माना लगाया।
मुख्य तथ्य
- DGCA ने 10 दिसंबर को IndiGo की उड़ान अनुसूची में 10% कटौती का आदेश दिया; पहले यह कटौती 5% थी।
- दिसंबर 2025 के पहले दस दिनों में लगभग 4,500 उड़ानें रद्द हुईं।
- नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने प्रभावित मार्गों पर किराये की सीमा लगाई और पूरी धनवापसी का निर्देश दिया।
- IndiGo FDTL नियमों के तहत पायलटों को हर सप्ताह 48 घंटे विश्राम देने की तैयारी करने में विफल रही।
- DGCA ने बाद में इस व्यवधान पर IndiGo पर ₹22.20 करोड़ का जुर्माना लगाया।
- विपक्षी दलों और उपभोक्ता समूहों ने विमानन निगरानी व्यवस्था में संरचनात्मक सुधारों की माँग की।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: दिसंबर 2025 के इंडिगो अनुसूची संकट ने तीव्र विमानन विकास एवं पायलट सुरक्षा मानदंडों के बीच तनाव उजागर किया। DGCA के उड़ान-कटौती आदेशों के संदर्भ में, उठाए गए नियामक, उपभोक्ता-संरक्षण एवं संरचनात्मक सुधार मुद्दों पर चर्चा करें।
उत्तर (50 शब्द):
DGCA ने 10 दिसंबर 2025 को इंडिगो पर 10% अनुसूची कटौती का आदेश दिया, 9 दिसंबर के 5% निर्देश को बढ़ाकर; दस दिनों में 4,500 उड़ानें रद्द हुईं। संकट एफडीटीएल (48-घंटे साप्ताहिक विश्राम) के पालन में विफलता से उपजा। 22.20 करोड़ रुपये जुर्माना, किराये की सीमा और धनवापसी लागू हुई; 60% हिस्सेदारी वाली एयरलाइन की निगरानी में कमजोरी सामने आई।
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दिसंबर 2025 में इंडिगो की उड़ानों में व्यापक व्यवधान के बीच सरकार की कार्रवाई के बारे में कौन-सा कथन सही है?
Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, बड़े पैमाने पर परिचालन व्यवधानों के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो को अपनी उड़ान-सूची कम-से-कम 10% घटाने का आदेश दिया। इससे पहले DGCA ने 5% कटौती का आदेश दिया था। यह कदम परिचालन स्थिर करने और रद्द उड़ानों को घटाने के लिए था।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दिसंबर 2025 में IndiGo के उड़ान कार्यक्रम का संकट किस कारण से हुआ?
संकट की जड़ 1 नवंबर 2025 से लागू नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों के लिए IndiGo की अधूरी तैयारी थी। इन नियमों के तहत पायलटों को 48 घंटे (पहले 36) का साप्ताहिक विश्राम और प्रति पायलट प्रति सप्ताह केवल दो रात्रि लैंडिंग की अनुमति थी। IndiGo की शेड्यूलिंग प्रणाली और पायलट रोस्टर समय पर नहीं सुधारे गए, जिससे बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द हुईं।
DGCA ने IndiGo के खिलाफ कौन सी नियामक कार्रवाइयाँ कीं और किस क्रम में?
DGCA की प्रतिक्रिया चरणबद्ध थी: 9 दिसंबर 2025 को 5% शेड्यूल कटौती का आदेश दिया; 10 दिसंबर को इसे 10% तक बढ़ाया। इसके बाद DGCA ने IndiGo पर ₹22.20 करोड़ का जुर्माना लगाया। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने प्रभावित मार्गों पर किराया सीमा लगाई और यात्रियों को पूर्ण धनवापसी का निर्देश दिया।
नए FDTL नियम क्या हैं जिनका IndiGo पालन करने में विफल रही?
1 नवंबर 2025 से लागू संशोधित FDTL नियमों के तहत पायलटों के लिए अनिवार्य साप्ताहिक विश्राम 36 से बढ़ाकर 48 घंटे किया गया और प्रत्येक पायलट को प्रति सप्ताह अधिकतम दो रात्रि लैंडिंग तक सीमित किया गया। ये नियम पायलटों की थकान, जो वैश्विक उड्डयन सुरक्षा की एक बड़ी चिंता है, से निपटने के लिए लाए गए थे।
IndiGo की बाजार हिस्सेदारी क्या है और इसके संकट का इतना बड़ा राष्ट्रीय प्रभाव क्यों पड़ा?
IndiGo के पास भारत के घरेलू उड्डयन बाजार का 60% से अधिक हिस्सा है, जो इसे सबसे बड़ी एयरलाइन बनाता है। जब दिसंबर 2025 के पहले दस दिनों में लगभग 4,500 उड़ानें रद्द हुईं, तो भारतीय हवाई अड्डों पर लाखों यात्री फँस गए। अन्य एयरलाइनों के पास पर्याप्त सीट क्षमता नहीं थी जिससे यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा उड्डयन संकट बन गया।
IndiGo संकट के बाद कौन से संरचनात्मक सुधारों की माँग की गई?
विपक्षी दलों और उपभोक्ता समूहों ने माँग की: (1) DGCA की अग्रिम ऑडिट क्षमता को मजबूत किया जाए; (2) एयरलाइनों के लिए आकस्मिक रोस्टर अनिवार्य हों; (3) उड़ान रद्द होने पर मुआवजे के लिए मजबूत उपभोक्ता संरक्षण हो; और (4) घरेलू कनेक्टिविटी के लिए भारत की एक ही एयरलाइन पर अत्यधिक निर्भरता की समीक्षा की जाए।
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