प्रकाशित: 26 मार्च 2026PIBशासन
रोड ओवर ब्रिज की मंजूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए PRISM-SG पोर्टल लॉन्च किया गया
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (सड़क परिवहन और राजमार्ग) और अश्विनी वैष्णव (रेलवे) ने 25 मार्च 2026 को नई दिल्ली में संयुक्त रूप से PRISM-SG (पोर्टल फॉर रेल-रोड इंस्पेक्शन एंड स्टेजेस मैनेजमेंट - स्टील गर्डर्स) पोर्टल लॉन्च किया। यह पोर्टल रोड ओवर ब्रिज (ROBs) में इस्तेमाल होने वाले स्टील गर्डर्स की मंजूरी और निरीक्षण प्रक्रिया को डिजिटल तथा सुव्यवस्थित बनाने के लिए तैयार किया गया है।
PRISM-SG पोर्टल पर दस्तावेजों की पूरी ऑनलाइन प्रस्तुति, जांच, प्रश्न उठाने और उनके समाधान, अनुमोदन, निरीक्षण तय करने, तथा निरीक्षण रिपोर्ट और परीक्षण परिणाम अपलोड करने की सुविधा मिलती है। यह सड़क स्वामित्व विभागों, भारतीय रेलवे, ठेकेदारों, फैब्रिकेटरों और निरीक्षण एजेंसियों सहित सभी प्रमुख हितधारकों को एकीकृत डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर जोड़ता है।
पोर्टल से अनुमोदन और निरीक्षण की समयसीमा लगभग 12 महीने से घटकर लगभग 3-4 महीने रह जाने, यानी 75% कमी होने की उम्मीद है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: चर्चा कीजिए कि प्रिज़्म-एसजी पोर्टल रोड ओवर ब्रिज के लिए स्टील गर्डर अनुमोदन को कैसे डिजिटल बनाता है और ऐसे एकल-खिड़की प्लेटफ़ॉर्म भारत की अवसंरचना परियोजनाओं की समय-सीमा के लिए क्या अर्थ रखते हैं।
उत्तर (50 शब्द):
गडकरी और वैष्णव ने 25 मार्च 2026 को प्रिज़्म-एसजी शुरू किया, जो रोड ओवर ब्रिज के लिए स्टील गर्डर अनुमोदन की पूरी प्रक्रिया डिजिटल बनाता है। सड़क विभाग, भारतीय रेल, ठेकेदार और निरीक्षण एजेंसियों को एक प्लेटफ़ॉर्म पर जोड़कर यह अनुमोदन समय-सीमा को 12 माह से 3-4 माह (75% कमी) तक घटाता है।
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पुल निर्माण की मंजूरी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए शुरू किए गए PRISM-SG पोर्टल का पूरा नाम क्या है?
व्याख्या · सही उत्तर Bप्रिज़्म-एसजी का पूरा नाम रेल-सड़क निरीक्षण एवं चरण प्रबंधन-स्टील गर्डर पोर्टल है। इसे 25 मार्च 2026 को शुरू किया गया, ताकि रेल ओवर ब्रिज स्वीकृति की समय-सीमा 12 महीने से घटकर 3-4 महीने रह जाए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नितिन गडकरी और अश्विनी वैष्णव ने मार्च 2026 में PRISM-SG पोर्टल क्यों लॉन्च किया?
**PRISM-SG (रेल-रोड निरीक्षण एवं चरण प्रबंधन - स्टील गर्डर पोर्टल)** को **25 मार्च 2026** को नई दिल्ली में **नितिन गडकरी** और **अश्विनी वैष्णव** ने संयुक्त रूप से लॉन्च किया। यह **रोड ओवर ब्रिज (ROBs)** में उपयोग होने वाले **स्टील गर्डर्स** की **अनुमोदन और निरीक्षण प्रक्रियाओं** को डिजिटल बनाता है।
PRISM-SG पोर्टल से ROB अनुमोदन में कितना समय बचेगा?
PRISM-SG पोर्टल से अनुमोदन और निरीक्षण की समयसीमा **12 महीने से घटाकर 3-4 महीने** होने की उम्मीद है — यानी **75% की कमी**। इससे दस्तावेज़ जमा करने से लेकर निरीक्षण रिपोर्ट अपलोड करने तक की पूरी प्रक्रिया एक **एकीकृत डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म** पर हो जाएगी।
PRISM-SG पोर्टल पर किन हितधारकों को जोड़ा गया है?
PRISM-SG पोर्टल पर सभी प्रमुख हितधारकों को जोड़ा गया है: **सड़क स्वामित्व विभाग**, **भारतीय रेलवे**, **ठेकेदार**, **फैब्रिकेटर**, और **निरीक्षण एजेंसियाँ**। इससे एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर ऑनलाइन दस्तावेज़ जमा करना, अनुमोदन लेना और निरीक्षण रिपोर्ट अपलोड करना संभव होता है।
PRISM-SG पोर्टल में गुणवत्ता आश्वासन से जुड़ी कौन-कौन सी सुविधाएँ शामिल हैं?
PRISM-SG पोर्टल में **गुणवत्ता आश्वासन योजना (QAP)**, **वेल्डिंग प्रक्रिया विनिर्देश पत्र (WPSS)** और **निर्माण चरण में निरीक्षण** की सुविधाएँ शामिल हैं। इसमें **पूर्ण ऑडिट ट्रेल** और **तत्काल निगरानी** की सुविधा भी है।
PRISM-SG पोर्टल के लिए किन दो मंत्रालयों ने सहयोग किया और यह अवसंरचना के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
**सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय** (नितिन गडकरी) और **रेलवे मंत्रालय** (अश्विनी वैष्णव) ने **25 मार्च 2026** को PRISM-SG लॉन्च किया। ROB में सड़क और रेल दोनों अवसंरचना शामिल होती है, इसलिए यह **75% तेज अनुमोदन प्रक्रिया** के साथ दोनों मंत्रालयों के समन्वय को डिजिटल रूप देता है।