25 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने क्षेत्रीय संपर्क योजना—संशोधित उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक)—को 2026–2036 की अवधि के लिए ₹28,840 करोड़ के कुल परिव्यय के साथ मंज़ूरी दी। इस योजना का उद्देश्य हवाई यात्रा को किफ़ायती और सुलभ बनाना तथा विकसित भारत 2047 के अनुरूप भारत के विमानन क्षेत्र को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।

संशोधित योजना से लगभग 120 नए गंतव्य जुड़ेंगे और लगभग 4 करोड़ यात्रियों को लाभ मिलेगा। कुल परिव्यय में से ₹12,159 करोड़ आठ वर्षों में उन 100 मौजूदा हवाई पट्टियों को हवाई अड्डों के रूप में विकसित करने के लिए रखे गए हैं, जहाँ अभी हवाई सेवा नहीं है। इसके अलावा, ₹10,043 करोड़ दस वर्षों में विमान सेवा कंपनियों को व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (VGF) देने के लिए रखे गए हैं। बची हुई राशि डिजिटल एकीकरण और परिचालन सुधारों पर खर्च की जाएगी।

2016 में शुरू होने के बाद से उड़ान योजना ने टियर-2 और टियर-3 शहरों के हवाई संपर्क में उल्लेखनीय सुधार किया है। योजना से राजस्थान को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। बीकानेर, जैसलमेर, कोटा, झालावाड़ और चित्तौड़गढ़ के हवाई अड्डों का संपर्क बेहतर होने से क्षेत्रीय पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। यह योजना नागर विमानन मंत्रालय के 2030 तक 350 चालू हवाई अड्डों के लक्ष्य को पूरा करने में भी सहायक है।