केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में एफसीआरए 2.0 पोर्टल और इलेक्ट्रॉनिक ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (ई-ओसीआई) कार्ड का शुभारंभ किया, जिसमें खुफिया ब्यूरो (आईबी) के निदेशक महेश दीक्षित मौजूद रहे। शाह ने कहा कि ये दोनों डिजिटल मंच कागजी कार्रवाई घटाएँगे, नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाएँगे और विदेशी अंशदान तथा ओसीआई से जुड़ी प्रक्रियाओं की निगरानी मजबूत करेंगे, जिससे विदेशी दान पर वास्तविक समय में नजर रखी जा सकेगी। उन्होंने कहा कि नई एफसीआरए प्रणाली पंजीकृत संगठनों के लिए अनुपालन आसान बनाएगी और विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम के तहत दान पाने वालों की लंबे समय से चली आ रही दिक्कतों को दूर करेगी। यह पोर्टल पूरी तरह डिजिटल, आरंभ से अंत तक काम करने वाला मंच है, जो आवेदन, नवीनीकरण, वार्षिक विवरणी और अन्य नियामक सेवाओं को समेटता है तथा पैन, आधार, ओसीआई, एनजीओ दर्पण और आईसीएआई की यूडीआईएन प्रणाली से जुड़ा हुआ है। इससे दस्तावेज हाथ से जमा करने की जरूरत खत्म हो जाएगी और ई-हस्ताक्षर आधारित पहचान, ओसीआर तथा एनजीओ दर्पण बैंक खाता एकीकरण की सुविधा मिलेगी। सारा आँकड़ा सरकारी क्लाउड मेघराज पर रखे जाने से डेटा चोरी की आशंका काफी घट जाएगी। आने वाले महीनों में एक एफसीआरए मोबाइल ऐप, एआई आधारित चैटबॉट और बैंकों के लिए अलग ऑनलाइन डैशबोर्ड भी शुरू किए जाएँगे। ई-ओसीआई कार्ड पर शाह ने कहा कि यह 50 लाख से अधिक ओसीआई कार्डधारकों को बड़ी सुविधा देगा। 20 साल बाद नया पासपोर्ट जारी होने पर ओसीआई पुस्तिका दोबारा जारी करने की जरूरत नहीं होगी, पंजीकरण संख्या विशिष्ट हो जाएगी और कार्डधारक खुद वास्तविक समय में सत्यापन कर सकेंगे। गृह मंत्रालय के अनुसार देश में करीब 14,500 सक्रिय एफसीआरए संगठन काम कर रहे हैं।