मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में पंजाब मंत्रिमंडल ने 30 मई 2026 को एक ऐतिहासिक रोजगार सुधार पैकेज को मंजूरी दी। इससे सरकारी विभागों में कार्यरत 65000 से अधिक आउटसोर्स्ड और संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का रास्ता साफ हुआ और लंबे समय से चली आ रही ठेकेदार आधारित भर्ती प्रणाली समाप्त की गई। मंत्रिमंडल ने पंजाब तदर्थ, संविदा, दैनिक वेतन, अस्थायी, कार्य प्रभारित और आउटसोर्स्ड कर्मचारी कल्याण अधिनियम 2016 को निरस्त करने की मंजूरी दी। साथ ही दो नए विधेयकों, पंजाब राज्य आउटसोर्स्ड कार्मिक (संविदा नियोजन में संक्रमण) विधेयक 2026 और पंजाब संविदा कार्मिक (स्वीकृत रिक्तियों के विरुद्ध समाहार) विधेयक 2026, को भी मंजूरी दी गई। नए ढाँचे के तहत समूह सी और समूह डी के वे आउटसोर्स्ड कर्मचारी, जिन्होंने पाँच वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर ली है, सीधे सरकारी संविदा नियुक्ति में आ जाएँगे। अग्निशामक, सीवर कर्मचारी और बिजली लाइनमैन जैसी खतरनाक श्रेणियों के कर्मचारी तीन वर्ष बाद पात्र होंगे। दस वर्ष की संविदा सेवा पूरी करने पर कर्मचारियों को नियमित स्वीकृत पदों पर समायोजन के लिए विचार में लिया जाएगा। वेतन सीधे बैंक खातों में जमा होगा, जिससे निजी ठेकेदारों पर निर्भरता समाप्त होगी। मंत्रिमंडल ने लंबित महँगाई भत्ता और पेंशन बकाया के समाधान के लिए मंत्रिस्तरीय पैनल का पुनर्गठन किया तथा भ्रष्टाचार के मामलों की शीघ्र सुनवाई के लिए सात विशेष न्यायालयों की स्थापना को मंजूरी दी। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस निर्णय को ऐतिहासिक कल्याण सुधार बताया।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में पंजाब मंत्रिमंडल ने 30 मई 2026 को 65000 से अधिक आउटसोर्स्ड और संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण को मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने ठेकेदार प्रणाली समाप्त की, पंजाब तदर्थ संविदा दैनिक वेतन अस्थायी कार्य प्रभारित और आउटसोर्स्ड कर्मचारी कल्याण अधिनियम 2016 को निरस्त किया तथा पंजाब राज्य आउटसोर्स्ड कार्मिक संविदा नियोजन में संक्रमण विधेयक 2026 और पंजाब संविदा कार्मिक स्वीकृत रिक्तियों के विरुद्ध समाहार विधेयक 2026 को मंजूरी दी
पंजाब मंत्रिमंडल ने 30 मई 2026 को 65000 से अधिक आउटसोर्स्ड और संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण को मंजूरी दी। इसके तहत 2016 कल्याण अधिनियम को निरस्त कर ठेकेदार प्रणाली समाप्त की गई और दो नए विधेयकों को मंजूरी दी गई, जो सीधे सरकारी नौकरी, खतरनाक श्रेणियों के लिए 3 वर्ष की पात्रता और 10 वर्ष में स्वीकृत पदों पर समायोजन का रास्ता खोलते हैं।
मुख्य तथ्य
- पंजाब मंत्रिमंडल ने 30 मई 2026 को 65000 से अधिक आउटसोर्स्ड और संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण को मंजूरी दी
- पंजाब तदर्थ, संविदा, दैनिक वेतन, अस्थायी, कार्य प्रभारित और आउटसोर्स्ड कर्मचारी कल्याण अधिनियम 2016 निरस्त किया गया
- दो नए विधेयक मंजूर: पंजाब राज्य आउटसोर्स्ड कार्मिक (संविदा नियोजन में संक्रमण) विधेयक 2026 और पंजाब संविदा कार्मिक (स्वीकृत रिक्तियों के विरुद्ध समाहार) विधेयक 2026
- पात्रता की समय-सीमा: समूह सी और डी के आउटसोर्स्ड कर्मचारियों के लिए 5 वर्ष, अग्निशामक, सीवर कर्मचारी और लाइनमैन जैसी खतरनाक श्रेणियों के लिए 3 वर्ष, और स्वीकृत पदों पर समायोजन के लिए 10 वर्ष की संविदा सेवा
- मंत्रिमंडल ने भ्रष्टाचार मामलों की शीघ्र सुनवाई के लिए सात विशेष न्यायालयों को भी मंजूरी दी और लंबित महँगाई भत्ता एवं पेंशन बकाया के लिए मंत्रिस्तरीय पैनल का पुनर्गठन किया
6-अक्ष वर्गीकरण
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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30 मई 2026 के पंजाब मंत्रिमंडल के निर्णय के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:\n1. मंत्रिमंडल ने 65000 से अधिक आउटसोर्स्ड और संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण को मंजूरी दी।\n2. आउटसोर्स्ड समूह सी और समूह डी कर्मचारी एक वर्ष की सेवा के बाद सीधे सरकारी संविदा नियोजन के लिए पात्र होंगे।\n3. मंत्रिमंडल ने पंजाब राज्य आउटसोर्स्ड कार्मिक (संविदा नियोजन में संक्रमण) विधेयक 2026 को मंजूरी दी।\nऊपर दिए गए कथनों में से कौन से सही हैं?
कथन 1 और 3 सही हैं। पंजाब मंत्रिमंडल ने 30 मई 2026 को 65000 से अधिक आउटसोर्स्ड और संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण को मंजूरी दी और पंजाब राज्य आउटसोर्स्ड कार्मिक (संविदा नियोजन में संक्रमण) विधेयक 2026 को मंजूरी दी। कथन 2 गलत है: समूह सी और समूह डी आउटसोर्स्ड कर्मचारी केवल 5 वर्ष की निरंतर सेवा के बाद पात्र होंगे (खतरनाक श्रेणियों के लिए 3 वर्ष)।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
30 मई 2026 के पंजाब मंत्रिमंडल के निर्णय से कितने कर्मचारियों को लाभ होगा?
पंजाब सरकार के 65000 से अधिक आउटसोर्स्ड और संविदा कर्मचारियों को लाभ होगा, और ठेकेदारों के जरिए भर्ती की व्यवस्था समाप्त की जाएगी।
30 मई 2026 को पंजाब मंत्रिमंडल ने 2016 का कौन सा अधिनियम निरस्त किया?
पंजाब तदर्थ, संविदा, दैनिक वेतन, अस्थायी, कार्य प्रभारित और आउटसोर्स्ड कर्मचारी कल्याण अधिनियम 2016 निरस्त किया गया।
नए ढाँचे के तहत आउटसोर्स्ड कर्मचारियों को संविदा नियुक्ति के लिए पात्र होने की समय-सीमा क्या है?
समूह सी और डी के आउटसोर्स्ड कर्मचारी 5 वर्ष की निरंतर सेवा के बाद पात्र होंगे, जबकि अग्निशामक, सीवर कर्मचारी और बिजली लाइनमैन जैसी खतरनाक श्रेणियों के कर्मचारी 3 वर्ष के बाद पात्र होंगे।
कितने वर्ष की संविदा सेवा के बाद कर्मचारियों को स्वीकृत पदों पर समायोजन के लिए विचार किया जाएगा?
पंजाब के नए ढाँचे के अनुसार, 10 वर्ष की संविदा सेवा पूरी करने पर कर्मचारियों को नियमित स्वीकृत पदों पर समायोजित करने के लिए विचार किया जाएगा।
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