4 नवंबर 2025 को एक पश्चिमी विक्षोभ के कारण राजस्थान के कई जिलों — जोधपुर, बाड़मेर, जयपुर, अजमेर, उदयपुर, भीलवाड़ा, कोटा, टोंक, भरतपुर, नागौर और सीकर — में हल्की से मध्यम बेमौसमी बारिश हुई। कोटा की भामाशाह मंडी — एक प्रमुख कृषि बाजार — में लगभग 2 लाख बोरे कृषि उपज की आवक हुई थी, जिसमें से 1.5 लाख बोरे धान के थे। अधिक आवक के कारण माल खुले में रखा था, इसलिए अचानक बारिश में धान के कई बोरे भीग गए और किसानों व व्यापारियों में चिंता फैल गई। मौसम साफ होने के साथ ही IMD ने 5 नवंबर से जिलों के लिए कोहरे और धुंध का अलर्ट जारी किया। इस बेमौसमी बारिश से रबी बुआई के मौसम में किसानों की असुरक्षा और मंडियों में ढके हुए भंडारण की तत्काल आवश्यकता साफ सामने आई।