प्रकाशित: 31 जनवरी 2026समाचार स्रोतराजस्थान
कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य इको-सेंसिटिव ज़ोन घोषित: MoEFCC ने राजस्थान के अरावली क्षेत्र के 94 गांवों को शामिल करते हुए 243 वर्ग किमी बफर क्षेत्र अधिसूचित किया
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने जनवरी 2026 में राजस्थान की अरावली पर्वत श्रृंखला में स्थित कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य के आसपास इको-सेंसिटिव ज़ोन (ESZ) घोषित करने की अधिसूचना जारी की। ESZ अभयारण्य की सीमा से शून्य से एक किलोमीटर तक फैला है, जिसमें लगभग 243 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र आता है और उदयपुर, पाली और राजसमंद जिलों के 94 गांव शामिल हैं।
कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य अपने मध्यकालीन किले और 'भारत की महान दीवार' (चीन की महान दीवार के बाद दुनिया की दूसरी सबसे लंबी निरंतर दीवार) के लिए प्रसिद्ध है। यहां तेंदुए, धारीदार लकड़बग्घे, जंगली बिल्लियां, भारतीय पैंगोलिन, भेड़िए, लोमड़ियां और विविध पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं। यह अभयारण्य भारत की सबसे पुरानी वलित पर्वत श्रृंखला अरावली का हिस्सा है।
ESZ में व्यावसायिक खनन, आरा मिलें, प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग, ईंट भट्टे और किसी भी नए बड़े पर्यटन ढांचे पर प्रतिबंध है। हालांकि, 94 गांवों की पारंपरिक आजीविका और छोटे पैमाने की नियंत्रित गतिविधियों की अनुमति है। ESZ दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए एक निगरानी समिति गठित की गई है।
राजस्थान के लिए यह अधिसूचना महत्वपूर्ण है क्योंकि कुंभलगढ़ 2013 में UNESCO विश्व धरोहर स्थल (राजस्थान के पहाड़ी किलों के भाग के रूप में) घोषित हुआ है और एक प्रमुख इको-टूरिज्म गंतव्य है।
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एमओईएफसीसी ने राजस्थान में किस क्षेत्र को पारिस्थितिक संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया?
व्याख्या · सही उत्तर Cकुम्भलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य को पारिस्थितिक संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया, जिसमें 94 गांवों में फैला 243 वर्ग किमी का बफर शामिल है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इको-सेंसिटिव ज़ोन (ESZ) क्या होता है और कुंभलगढ़ के आसपास इसे क्यों घोषित किया गया?
ESZ संरक्षित वनों या अभयारण्यों के आसपास अधिसूचित एक बफर क्षेत्र होता है, जहाँ पारिस्थितिकी को नुकसान पहुँचाने वाली गतिविधियों को नियंत्रित किया जाता है। MoEFCC ने अरावली क्षेत्र में कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य की पारिस्थितिक अखंडता की रक्षा के लिए 243 वर्ग किमी ESZ घोषित किया।
कुंभलगढ़ ESZ में कौन से जिले और कितने गाँव शामिल हैं?
ESZ में राजस्थान के तीन जिलों — उदयपुर, पाली और राजसमंद — के 94 गाँव शामिल हैं। अभयारण्य सीमा के आसपास 0–1 किमी का बफर क्षेत्र अधिसूचित है।
कुंभलगढ़ ESZ में कौन सी गतिविधियाँ प्रतिबंधित और कौन सी अनुमत हैं?
ESZ में खनन और प्रदूषणकारी उद्योगों पर सख्त प्रतिबंध है। हालाँकि, स्थानीय समुदायों की नियंत्रित पारंपरिक आजीविका अधिसूचित बफर क्षेत्र में अनुमत है।
कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य का पारिस्थितिक महत्त्व क्या है?
कुंभलगढ़ भारत की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखलाओं में से एक अरावली में स्थित है, जो जैव विविधता से भरपूर वन्यजीव गलियारा है। यह अभयारण्य भेड़िये की आबादी के लिए जाना जाता है, और ESZ इस पूरे परिदृश्य में जुड़ाव बनाए रखने में मदद करता है।
कुंभलगढ़ ESZ किस मंत्रालय ने और कब अधिसूचित किया?
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने जनवरी 2026 में कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य के आसपास 243 वर्ग किमी इको-सेंसिटिव ज़ोन अधिसूचित किया।