प्रकाशित: 10 मार्च 2026PIBविज्ञान-प्रौद्योगिकी
AIIMS और ISRO के बीच गगनयान के अंतरिक्ष चिकित्सा अनुसंधान के लिए MoU पर हस्ताक्षर
AIIMS नई दिल्ली और ISRO ने मार्च 2026 में अंतरिक्ष चिकित्सा में संयुक्त अनुसंधान के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए। इससे भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम गगनयान में मदद मिलेगी। MoU पर डॉ. M. श्रीनिवास (AIIMS निदेशक) और दिनेश कुमार सिंह (ISRO मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र निदेशक) ने हस्ताक्षर किए।
प्रमुख क्षेत्रों में अंतरिक्ष यात्री स्वास्थ्य निगरानी, माइक्रोग्रैविटी अनुसंधान, अंतरिक्ष विकिरण अध्ययन और मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन शामिल हैं। गगनयान मिशन का लक्ष्य भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को निम्न पृथ्वी कक्षा में भेजना है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: अंतरिक्ष चिकित्सा अनुसंधान के लिए एम्स-इसरो सहयोग के महत्व एवं भारत के गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन को आगे बढ़ाने में इसकी भूमिका पर चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
मार्च 2026 में एम्स नई दिल्ली और इसरो ने डॉ. एम. श्रीनिवास तथा दिनेश कुमार सिंह के हस्ताक्षर से समझौता ज्ञापन किया, जिससे गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के लिए सहयोगात्मक अंतरिक्ष चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। मुख्य क्षेत्रों में यात्री स्वास्थ्य निगरानी, माइक्रोग्रैविटी अनुसंधान, विकिरण अध्ययन, मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन और उड़ान से पहले तथा बाद के पुनर्वास प्रोटोकॉल शामिल हैं।
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ISRO के LVM3-M6 द्वारा प्रक्षेपित ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 उपग्रह का वजन कितना था?
व्याख्या · सही उत्तर Bब्लूबर्ड ब्लॉक-2 का वजन लगभग 6,100 किग्रा था। यह भारतीय भूमि से भारतीय प्रक्षेपक द्वारा प्रक्षेपित सबसे भारी उपग्रह था।