दिवाली 2025 (20 अक्टूबर) को दिल्ली का AQI 344 (अति खराब) दर्ज हुआ जो अगली सुबह तक 451 (गंभीर) तक पहुँच गया। 5 किमी/घंटे की कम हवा के कारण पटाखों से उत्पन्न PM2.5 कण फँसे रहे। CPCB के अनुसार राष्ट्रीय औसत AQI लगभग 280 रहा। हरियाणा में 402 (गंभीर), उत्तर प्रदेश में 350 (अति खराब) एवं पंजाब में 320 (अति खराब) दर्ज किया गया। अक्टूबर 2025 में दिल्ली का AQI तीन वर्षों में सबसे बुरा था। हरित पटाखों के दिशा-निर्देशों और राज्यों के प्रतिबंधों के बावजूद प्रवर्तन कमजोर रहा, जिससे सांस्कृतिक परंपराओं एवं अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार के बीच संतुलन पर बहस पुनः छिड़ गई।
दिवाली 2025: 20 अक्टूबर को दिल्ली का AQI 344 (अति खराब) — तीन वर्षों में सबसे बुरा
दिवाली 2025 (20 अक्टूबर) को दिल्ली का AQI 344 (अति खराब) दर्ज हुआ, जो अगली सुबह तक 451 (गंभीर) तक पहुँच गया। 5 किमी/घंटे की धीमी हवा के कारण पटाखों से उत्पन्न PM2.5 कण फँसे रहे। CPCB के अनुसार राष्ट्रीय औसत AQI लगभग 280 रहा। हरियाणा में 402 (गंभीर), उत्तर प्रदेश में 350 (अति खराब) एवं पंजाब में 320 (अति खराब) दर्ज किया गया। अक्टूबर 2025 में दिल्ली का AQI तीन वर्षों में सबसे बुरा था। हरित पटाखों के दिशा-निर्देशों और राज्यों के प्रतिबंधों के बावजूद प्रवर्तन कमजोर रहा, जिससे सांस्कृतिक परंपराओं एवं अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार के बीच संतुलन पर बहस पुनः छिड़ गई।
मुख्य तथ्य
- दिवाली 2025 (20 अक्टूबर) को दिल्ली का AQI 344 (अति खराब) रहा और अगली सुबह 451 (गंभीर) पहुँचा।
- 5 किमी/घंटे की कम हवा के कारण पटाखों से निकले PM2.5 कण शहर में फंसे रहे।
- हरियाणा में AQI 402 (गंभीर), UP में 350 (अति खराब) और पंजाब में 320 (अति खराब) दर्ज हुआ।
- हरित पटाखों के दिशानिर्देशों के बावजूद दिल्ली का अक्टूबर 2025 AQI तीन वर्षों में सबसे खराब रहा।
- CPCB ने दिवाली के आसपास राष्ट्रीय औसत AQI लगभग 280 बताया।
- इस घटना ने सांस्कृतिक परंपराओं और अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार के बीच संतुलन पर बहस फिर छेड़ दी।
6-अक्ष वर्गीकरण
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स्रोत: AQI.IN / Al Jazeera / CNN / CPCB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दिवाली 2025 को दिल्ली का AQI कितना रहा और यह पिछले वर्षों से कैसे अलग था?
दिवाली 2025 (20 अक्टूबर) को दिल्ली का AQI 344 (अति खराब) रहा, जो अगली सुबह 451 (गंभीर) तक पहुँच गया। यह तीन वर्षों में अक्टूबर का सबसे खराब AQI था। इससे पटाखों पर रोक लागू कराने के उपायों की लगातार विफलता साफ दिखती है।
CPCB द्वारा परिभाषित AQI श्रेणियाँ कौन-सी हैं और उनसे स्वास्थ्य को क्या खतरा है?
CPCB ने छह AQI श्रेणियाँ परिभाषित की हैं: अच्छा (0-50), संतोषजनक (51-100), मध्यम (101-200), खराब (201-300), अति खराब (301-400) और गंभीर (401-500)। अति खराब AQI में लंबे समय तक संपर्क में रहने से श्वसन रोग हो सकता है; गंभीर AQI में स्वस्थ व्यक्ति भी प्रभावित होते हैं और पहले से बीमार लोगों की स्थिति और बिगड़ती है।
दिवाली 2025 में किस मौसम संबंधी कारण से दिल्ली की वायु गुणवत्ता इतनी बिगड़ी?
दिवाली 2025 के दौरान हवा की गति केवल 5 किमी/घंटे रहने से हवा लगभग ठहर गई। इससे पटाखों से निकले PM2.5 कण जमीन के पास फँसे रहे, फैल नहीं सके और रात भर में AQI तेजी से बिगड़ता गया।
दिवाली का प्रदूषण संविधान के अनुच्छेद 21 से किस तरह जुड़ता है?
सुप्रीम कोर्ट ने कई निर्णयों में माना है कि अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार में स्वच्छ पर्यावरण का अधिकार शामिल है। दिवाली का प्रदूषण, जो AQI को गंभीर स्तर तक पहुँचाता है, इस अधिकार को सीधे खतरे में डालता है। इसीलिए अदालतें अनुच्छेद 25 के तहत सांस्कृतिक स्वतंत्रता से जुड़े तर्कों के बावजूद आंशिक या पूर्ण पटाखा प्रतिबंध को बरकरार रखती हैं।
PM2.5 क्या है और यह PM10 की तुलना में अधिक खतरनाक क्यों है?
PM2.5 वे कण हैं जिनका व्यास 2.5 माइक्रोमीटर या उससे कम होता है। PM10 (≤ 10 माइक्रोमीटर) के विपरीत, PM2.5 नाक के प्राकृतिक फिल्टर को पार कर फेफड़ों की वायुकोशिकाओं तक पहुँच जाता है और रक्त में भी मिल सकता है, जिससे हृदय और फेफड़ों की बीमारियाँ होती हैं। त्योहारी मौसम में पटाखे PM2.5 के बड़े स्रोत हैं।
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