भारत और फ्रांस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन के बीच 17–19 फरवरी 2026 को हुए शिखर सम्मेलन के बाद अपने द्विपक्षीय संबंधों को 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक उन्नत किया। यह 1998 में स्थापित 'रणनीतिक साझेदारी' से एक महत्वपूर्ण उन्नयन है।
शिखर सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं हुईं। रक्षा क्षेत्र में BEL (भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड) और फ्रांस के Safran समूह ने भारत में HAMMER (हाइली एजाइल मॉड्यूलर म्यूनिशन एक्सटेंडेड रेंज) हवा से जमीन पर मार करने वाली सटीक मिसाइल के सह-उत्पादन के लिए एक संयुक्त उद्यम (JV) की घोषणा की। भारतीय वायु सेना इस मिसाइल का अपने राफेल जेट पर पहले से उपयोग कर रही है। यह JV आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत रक्षा विनिर्माण को मजबूत करेगी।
दोनों देशों ने एक संयुक्त उन्नत प्रौद्योगिकी विकास समूह स्थापित करने की भी घोषणा की, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों पर सहयोग करेगा। वर्ष 2026 को 'भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष' घोषित किया गया। इसके अलावा दोनों देशों ने महत्वपूर्ण खनिजों पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
यह साझेदारी भारत के लिए फ्रांस की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है। फ्रांस पहले से ही भारत को राफेल लड़ाकू विमान और स्कॉर्पीन पनडुब्बियों का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है।
