भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने दिसंबर 2025 के गंभीर शेड्यूलिंग संकट के बाद IndiGo — देश की सबसे बड़ी एयरलाइन जिसकी बाजार हिस्सेदारी 60% से अधिक है — को अपना उड़ान कार्यक्रम 5% कम करने का आदेश दिया। इस संकट में हजारों उड़ानें रद्द हुईं और लाखों यात्री फँस गए या उनकी यात्रा में भारी देरी हुई। संकट पायलटों की कमी, विमान रखरखाव की समस्याओं और IndiGo द्वारा अपनी परिचालन क्षमता से अधिक महत्वाकांक्षी शेड्यूल बनाने के कारण पैदा हुआ। दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु सहित प्रमुख हवाई अड्डों पर लगातार यात्री शिकायतों और मीडिया रिपोर्टों के बाद DGCA ने हस्तक्षेप किया। स्थिति स्थिर न होने पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कटौती बढ़ाकर 10% कर दी। DGCA ने बाद में व्यापक परिचालन सुधारों की माँग करते हुए IndiGo पर 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। इस घटना ने विमानन में उपभोक्ता संरक्षण, DGCA की प्रवर्तन क्षमता और मुआवजे की पर्याप्तता पर बहस को फिर से तेज कर दिया।