3 जनवरी 2026 को भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने राष्ट्रीय सिद्ध संस्थान (NIS), सिद्ध अनुसंधान केंद्रीय परिषद (CCRS) और तमिलनाडु सरकार के भारतीय चिकित्सा एवं होम्योपैथी निदेशालय के सहयोग से चेन्नई के कलैवानर अरंगम में 9वाँ सिद्ध दिवस मनाया। भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने समारोह की अध्यक्षता की और उसका औपचारिक उद्घाटन किया। 2026 का विषय वैश्विक स्वास्थ्य के लिए सिद्ध रखा गया था। सिद्ध दिवस हर वर्ष 6 जनवरी को सिद्ध चिकित्सा के जनक माने जाने वाले महर्षि अगस्त्यर की जयंती पर मनाया जाता है, लेकिन 9वें संस्करण का केंद्रीय राष्ट्रीय आयोजन तीन दिन पहले, 3 जनवरी को किया गया। इस समारोह में तमिलनाडु और देश के अन्य राज्यों से सिद्ध चिकित्सक, वैज्ञानिक, शिक्षाविद, विद्वान तथा विद्यार्थी शामिल हुए। सिद्ध वैधानिक निकायों के वरिष्ठ सदस्यों, NIS और CCRS के शोधकर्ताओं तथा आयुष मंत्रालय एवं तमिलनाडु सरकार के अधिकारियों ने भी सक्रिय भागीदारी की। आयुष मंत्रालय ने सिद्ध चिकित्सा प्रणाली में असाधारण और प्रशंसनीय योगदान के लिए पाँच विशिष्ट व्यक्तित्वों को सम्मानित किया। इस आयोजन में निवारक स्वास्थ्य, अनुसंधान और वैश्विक कल्याण में सिद्ध चिकित्सा के योगदान को सामने रखा गया। इसका मुख्य उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना और AYUSH ढाँचे के तहत स्वास्थ्य सेवा वितरण, अनुसंधान सहयोग तथा शैक्षणिक प्रगति में सिद्ध की भूमिका को और अधिक मज़बूत करने के लिए सरकार के चल रहे प्रयासों की पुनः पुष्टि करना था। सिद्ध चिकित्सा प्रणाली भारत की समृद्ध पारंपरिक विरासत का अभिन्न अंग है और तमिल संस्कृति में इसकी गहरी जड़ें हैं।