प्रकाशित: 15 फ़रवरी 2026समाचार स्रोतपर्यावरण
भारत ने राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया: FY26 के 10 महीनों में 52,537 MW बिजली क्षमता जोड़ी, 75% नवीकरणीय स्रोतों से
Aसीधा उत्तर
भारत ने FY26 के 10 महीनों में रिकॉर्ड 52,537 MW बिजली क्षमता जोड़ी (16 फरवरी 2026 को घोषित); इसमें 75% हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा का रहा (सौर 34,955 MW, पवन 4,613 MW)। कुल स्थापित क्षमता 5,20,511 MW पहुँची; राजस्थान और गुजरात, प्रत्येक ~44 GW के साथ, नवीकरणीय क्षमता में अग्रणी हैं।
16 फरवरी 2026 को विद्युत मंत्रालय ने घोषणा की कि भारत ने FY 2025–26 के पहले दस महीनों (अप्रैल 2025 से जनवरी 2026) में रिकॉर्ड 52,537 MW बिजली उत्पादन क्षमता जोड़ी — यह एक वित्त वर्ष में अब तक की सर्वाधिक क्षमता वृद्धि है, जो FY 2024–25 में 34,054 MW के पिछले वार्षिक रिकॉर्ड को पार करती है।
जोड़ी गई कुल क्षमता में से 39,657 MW — लगभग 75% — नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से आई। सौर ऊर्जा का सबसे बड़ा हिस्सा 34,955 MW रहा, उसके बाद पवन ऊर्जा 4,613 MW रही। 31 जनवरी 2026 तक भारत की कुल स्थापित बिजली क्षमता 5,20,510.95 MW थी, जिसमें गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोत 2,71,969 MW (52.2%) थे।
नवीकरणीय क्षमता में अग्रणी राज्य गुजरात (लगभग 44 GW) और राजस्थान (लगभग 44 GW) हैं। राजस्थान के थार मरुस्थल क्षेत्र की सौर संपदा और जैसलमेर-बाड़मेर के पवन ऊर्जा क्षेत्रों ने राज्य को स्वच्छ ऊर्जा नेतृत्व दिलाया है। यह उपलब्धि COP26 में भारत की पंचामृत प्रतिबद्धता — 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म बिजली क्षमता — को मजबूत करती है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की रिकॉर्ड बिजली क्षमता वृद्धि और पंचामृत प्रतिबद्धता पर इसके प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 के दस महीनों में रिकॉर्ड 52,537 मेगावाट क्षमता जोड़ी, जिसमें 75 प्रतिशत नवीकरणीय स्रोतों से आया; इसमें 34,955 मेगावाट सौर और 4,613 मेगावाट पवन शामिल हैं। कुल स्थापित क्षमता 5,20,511 मेगावाट पहुंची, जिसमें गैर-जीवाश्म स्रोत 52.2 प्रतिशत हैं। राजस्थान और गुजरात, प्रत्येक लगभग 44 गीगावाट के साथ, अग्रणी हैं और 500 गीगावाट पंचामृत लक्ष्य को सुदृढ़ करते हैं।
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
भारत ने कितने महीनों में 52,537 MW बिजली क्षमता जोड़ने का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया?
व्याख्या · सही उत्तर Dभारत ने 10 महीनों में रिकॉर्ड 52,537 MW बिजली क्षमता जोड़ी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत ने FY26 में कितनी बिजली क्षमता जोड़ी और इसका क्या महत्व है?
भारत ने FY26 के पहले 10 महीनों (अप्रैल 2025 – जनवरी 2026) में रिकॉर्ड 52,537 MW बिजली क्षमता जोड़ी, जिसकी घोषणा 16 फरवरी 2026 को हुई। यह भारत में 10 महीने की किसी भी अवधि में अब तक की सबसे अधिक क्षमता वृद्धि थी, जिससे कुल स्थापित क्षमता 5,20,511 MW से ऊपर पहुँच गई।
FY26 में भारत की बिजली क्षमता वृद्धि में नवीकरणीय स्रोतों की कितनी हिस्सेदारी रही?
FY26 के पहले 10 महीनों में जोड़ी गई 52,537 MW क्षमता का 75% हिस्सा नवीकरणीय स्रोतों से आया — इसमें सौर ऊर्जा 34,955 MW के साथ सबसे आगे रही, उसके बाद पवन ऊर्जा 4,613 MW के साथ रही। शेष 25% तापीय और अन्य पारंपरिक स्रोतों से आया।
भारत में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में कौन से राज्य अग्रणी हैं और उनके पास कितनी क्षमता है?
राजस्थान और गुजरात दोनों लगभग 44 GW स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के साथ अग्रणी हैं। राजस्थान अपने विशाल थार मरुस्थल के कारण सौर ऊर्जा में अग्रणी है, जबकि गुजरात अपतटीय पवन और सौर पार्कों में अग्रणी है।
भारत का 500 GW नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य क्या है और इसकी समयसीमा क्या है?
भारत ने 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन (नवीकरणीय) बिजली क्षमता हासिल करने की प्रतिबद्धता जताई है। यह लक्ष्य पेरिस समझौते के तहत भारत के राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDC) का हिस्सा है। FY26 की रिकॉर्ड वृद्धि भारत को इस लक्ष्य के काफी करीब ले जाती है।
भारत की नवीकरणीय ऊर्जा वृद्धि RPSC RAS पाठ्यक्रम से कैसे जुड़ी है?
भारत का ऊर्जा परिवर्तन RPSC RAS परीक्षा के पेपर III (अर्थव्यवस्था और विकास) और पेपर I (भूगोल और पर्यावरण) से सीधे संबंधित है। इसमें भारत की ऊर्जा नीति, जलवायु प्रतिबद्धताएँ (2070 तक नेट-जीरो), सौर एवं पवन ऊर्जा भूगोल और राष्ट्रीय ऊर्जा योजना में राजस्थान की भूमिका शामिल है।