प्रोजेक्ट चीता के तहत बोत्सवाना से 9 चीते 28 फरवरी 2026 को कूनो राष्ट्रीय उद्यान पहुँचे। इससे 1952 में भारत में विलुप्त हो चुकी इस प्रजाति को फिर से बसाने के कार्यक्रम को मज़बूती मिली है। इन चीतों को मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बसाया जाएगा, जो इस परियोजना का प्रमुख स्थल है। भारत में इससे पहले 2022–23 में नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से 20 चीते लाए गए थे। प्रोजेक्ट चीता दुनिया का पहला ऐसा कार्यक्रम है, जिसके तहत बड़े जंगली शिकारी जीवों को एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप में ले जाकर बसाया जा रहा है। संक्रमण, रेडियो कॉलर से लगी चोटों और क्षेत्र को लेकर आपसी संघर्षों के कारण चीतों की मृत्यु इस परियोजना के सामने प्रमुख चुनौतियाँ रही हैं। इन चुनौतियों के बावजूद पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय चीतों की आबादी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। राजस्थान के मुकुंदरा हिल्स को भविष्य में चीतों को बसाने के लिए संभावित दूसरे आवास के रूप में चिह्नित किया गया है।