राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी), भारत ने राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के लिवाली गांव स्थित एक सरकारी विद्यालय में छात्राओं से कथित दुर्व्यवहार की मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, एक शिक्षक के ₹1,000 खो जाने के बाद यह घटना हुई। दो शिक्षकों ने कक्षा 9 और 11 की छात्राओं की तलाशी ली, उन्हें कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया और उनके साथ मारपीट की। छात्राओं के पास से कोई पैसा बरामद नहीं हुआ। आयोग ने कहा कि मीडिया में प्रकाशित तथ्यों की पुष्टि होने पर यह पीड़ित छात्राओं के मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला होगा। आयोग ने राजस्थान के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। 17 जुलाई 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट में घटना के बाद की स्थिति भी बताई गई है। घर लौटने पर छात्राओं ने अपने माता-पिता को कथित घटना की जानकारी दी। इसके अगले दिन बड़ी संख्या में अभिभावक विद्यालय पहुंचे और घटना के विरोध में प्रदर्शन किया। इस मामले में आयोग की कार्रवाई मीडिया में सामने आए विवरण के आधार पर हुई है और आरोपों की पुष्टि राज्य से मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट के बाद होनी है। इस घटनाक्रम के प्रमुख बिंदु हैं—आयोग का स्वतः संज्ञान, राजस्थान के मुख्य सचिव को नोटिस, रिपोर्ट के लिए दो सप्ताह की समय-सीमा और प्रकाशित तथ्यों की पुष्टि होने पर मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन की आशंका।