प्रकाशित: 4 जुलाई 2026PIBशासन
लोकओएस को ग्रामीण आजीविका का डिजिटल आधार बताया गया
लोकओएस को ग्रामीण आजीविका का डिजिटल आधार बताया गया, जो ग्रामीण विकास तंत्र में डेटा, कार्यक्रम वितरण और संस्थागत निगरानी को जोड़ता है।
परीक्षा के लिए मुख्य बातें: यह प्लेटफॉर्म आजीविका संस्थाओं और ग्रामीण विकास वितरण से जुड़ा है। डिजिटल सिस्टम लाभार्थी रिकॉर्ड, निगरानी और अभिसरण सुधार सकते हैं। शासन चुनौती तकनीक को अंतिम छोर पर उपयोगी बनाना है। परीक्षा में लोकओएस को ग्रामीण आजीविका और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ें।
महत्व: यह घटना तारीख वाले करेंट अफेयर्स को स्थायी सिलेबस क्षेत्र से जोड़ती है, इसलिए घटना के साथ उससे जुड़ी संस्था, योजना या नीति तंत्र भी पढ़ें।
0मेन्स दृष्टिकोण
डिजिटल प्लेटफॉर्म रिकॉर्ड, लाभार्थी ट्रैकिंग, धन प्रवाह की पारदर्शिता और योजनाओं के अभिसरण को सुधार सकते हैं। सफलता डेटा गुणवत्ता, स्थानीय क्षमता, शिकायत निवारण और ऑफलाइन समर्थन पर निर्भर है ताकि तकनीक फील्ड संस्थाओं को कमजोर नहीं, मजबूत करे।
6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजराष्ट्रीयप्रकारपहलविषयराष्ट्रीयपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · दोनोंस्रोतPIB
अभ्यास प्रश्न MCQ
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
'लोकओएस को ग्रामीण आजीविका का डिजिटल आधार बताया गया' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लोकओएस को ग्रामीण आजीविका का डिजिटल आधार बताया गया है।
2. यह शहरी मेट्रो किराया नियमन से जुड़ा कार्यक्रम है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या · सही उत्तर Aकथन 1 सही है। लोकओएस को ग्रामीण आजीविका का डिजिटल आधार बताया गया है, जो ग्रामीण विकास तंत्र में डेटा, कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और संस्थागत निगरानी को जोड़ता है। कथन 2 गलत है, क्योंकि लोकओएस का संबंध ग्रामीण आजीविका से है, न कि शहरी मेट्रो के किराया नियमन से। इसलिए सही उत्तर विकल्प A है।