प्रकाशित: 11 जुलाई 2026समाचार स्रोतपर्यावरण
'स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर' तटीय स्वच्छता अभियान की तैयारी, 10 से 19 सितंबर 2026 तक देशभर में चलेगा
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली स्थित CSIR-विज्ञान केंद्र में विज्ञान से जुड़े मंत्रालयों और विभागों के सचिवों तथा वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का मुख्य विषय 'स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर' तटीय स्वच्छता अभियान की तैयारी रही, जो 10 से 19 सितंबर 2026 तक देश के पूरे तटवर्ती क्षेत्र में चलाया जाएगा। प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष विभाग में भी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि वैज्ञानिक संस्थानों को मिलकर काम करना होगा, ताकि तकनीकी नवाचार, जन-भागीदारी और अंतर-विभागीय सहयोग एक साथ जुड़ सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि वैज्ञानिक विभाग अलग-थलग संस्थानों की तरह नहीं, बल्कि एक जुड़े हुए तंत्र की तरह काम करें।
यह अभियान देश के सबसे बड़े तटीय स्वच्छता अभियानों में से एक माना जा रहा है। इसमें वैज्ञानिक संस्थान, सरकारी एजेंसियां, स्वयंसेवक, शैक्षणिक संस्थान और स्थानीय समुदाय एक मंच पर आएंगे, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जन-जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी भी बढ़ेगी।
बैठक में भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के सचिव प्रो. उमेश वी. वाघमारे, जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) के सचिव डॉ. राजेश एस. गोखले तथा वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (DSIR) और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की सचिव डॉ. एन. कलैसेल्वी शामिल हुईं।
DST ने अपनी प्रचार-प्रसार योजना रखी, जिसमें अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF), राष्ट्रीय क्वांटम मिशन, अंतर-विषयक साइबर-भौतिक प्रणालियों पर राष्ट्रीय मिशन और अनुसंधान विकास एवं नवाचार योजना शामिल हैं। DSIR ने बताया कि CSIR पिछले बारह वर्षों की अपनी बड़ी उपलब्धियों पर एक विस्तृत प्रकाशन तैयार कर रहा है, जो इसी वर्ष CSIR स्थापना दिवस पर जारी होगा। DBT ने बताया कि वह देशभर में #DBT Quest जन-भागीदारी अभियान चला रहा है और उसने सार्वजनिक स्वास्थ्य, जैव-अर्थव्यवस्था, जीनोमिक्स, कृषि जैव प्रौद्योगिकी तथा जैव प्रौद्योगिकी स्टार्ट-अप पर विषय-आधारित प्रकाशन शुरू किए हैं।
बैठक में CSIR, ISRO, DST, DBT और BARC से जुड़े साझा कार्यक्रमों की प्रगति, ANRF के SARAL_AI मंच के व्यापक इस्तेमाल तथा ESTIC-2026, भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (IISF) 2026 और राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 2026 की तैयारियों की भी समीक्षा हुई।
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
जुलाई 2026 में विज्ञान मंत्रालयों द्वारा समीक्षित 'स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर' तटीय स्वच्छता अभियान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह अभियान 10 से 19 सितंबर 2026 तक देश के पूरे तटवर्ती क्षेत्र में चलाया जाएगा।
2. इस अभियान पर हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार ने की।
3. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की प्रचार-प्रसार योजना में अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) और राष्ट्रीय क्वांटम मिशन शामिल हैं।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
व्याख्या · सही उत्तर Cकथन 1 और 3 सही हैं, कथन 2 सही नहीं है।
कथन 1 सही है: 'स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर' अभियान 10 से 19 सितंबर 2026 तक देश के पूरे तटवर्ती क्षेत्र में चलाया जाएगा।
कथन 2 गलत है: नई दिल्ली के CSIR-विज्ञान केंद्र में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने की थी। प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद बैठक में शामिल जरूर हुए, लेकिन अध्यक्षता उन्होंने नहीं की।
कथन 3 सही है: DST ने जो प्रचार-प्रसार योजना रखी, उसमें अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF), राष्ट्रीय क्वांटम मिशन, अंतर-विषयक साइबर-भौतिक प्रणालियों पर राष्ट्रीय मिशन और अनुसंधान विकास एवं नवाचार योजना शामिल हैं।
इसलिए सही उत्तर विकल्प C है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
'स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर' अभियान क्या है और यह कब चलेगा?
यह एक देशव्यापी तटीय स्वच्छता अभियान है, जो 10 से 19 सितंबर 2026 तक देश के पूरे तटवर्ती क्षेत्र में चलाया जाएगा। इसका मकसद पर्यावरण संरक्षण के साथ जन-जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी को जोड़ना है। इसे देश के सबसे बड़े तटीय स्वच्छता अभियानों में से एक माना जा रहा है।
इस अभियान पर हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता किसने की?
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष विभाग में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली के CSIR-विज्ञान केंद्र में इस बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में कौन-कौन वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए?
भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद, DST सचिव प्रो. उमेश वी. वाघमारे, DBT सचिव डॉ. राजेश एस. गोखले तथा DSIR एवं पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की सचिव डॉ. एन. कलैसेल्वी के साथ संबंधित वैज्ञानिक विभागों और संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।
DST की प्रचार-प्रसार योजना में कौन-सी प्रमुख पहलें शामिल थीं?
इसमें अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF), राष्ट्रीय क्वांटम मिशन, अंतर-विषयक साइबर-भौतिक प्रणालियों पर राष्ट्रीय मिशन और अनुसंधान विकास एवं नवाचार योजना जैसी बड़ी राष्ट्रीय पहलें शामिल थीं।
बैठक में आने वाले किन राष्ट्रीय वैज्ञानिक आयोजनों की समीक्षा हुई?
बैठक में ESTIC-2026, भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (IISF) 2026 और राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 2026 की तैयारियों की समीक्षा हुई। विभागों ने शोधकर्ताओं, उद्योग, स्टार्ट-अप, विद्यार्थियों और आम लोगों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अपनी तैयारी और प्रचार योजनाओं की जानकारी दी।