भारत ने 1 जनवरी 2026 से किम्बर्ली प्रक्रिया (KP) की अध्यक्षता ग्रहण की। इससे पहले 2025 में UAE इसके अध्यक्ष पद पर था। KP अध्यक्ष के रूप में यह भारत का तीसरा कार्यकाल है। किम्बर्ली प्रक्रिया एक बहुपक्षीय पहल है, जिसकी स्थापना यह प्रमाणित करने के लिए की गई कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार किए जाने वाले कच्चे हीरे 'संघर्ष-मुक्त' हैं — अर्थात उनका उपयोग वैध सरकारों के विरुद्ध विद्रोही आंदोलनों या युद्धों को वित्त पोषित करने के लिए नहीं किया जाता। 1 जनवरी 2003 को UNGA प्रस्ताव 55/56 के बाद स्थापित KP में वर्तमान में 86 देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 60 प्रतिभागी हैं। भारत की नोडल एजेंसी GJEPC (जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल) है। भारत की अध्यक्षता में प्राथमिकताएँ हैं: KP की शासन-व्यवस्था में पारदर्शिता को मजबूत करना; आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाने के लिए डिजिटल प्रमाणन प्रणाली को आगे बढ़ाना; डेटा-आधारित निगरानी से पारदर्शिता बढ़ाना; और संघर्ष-मुक्त हीरों में उपभोक्ता भरोसा मजबूत करना। गुजरात के सूरत में विश्व के लगभग 90% कच्चे हीरे की कटाई और पॉलिशिंग होती है — इसलिए मजबूत KP ढाँचा भारत के हीरा प्रसंस्करण उद्योग के लिए नैतिक आपूर्ति श्रृंखला की साख सुनिश्चित करता है।
भारत ने 2026 के लिए किम्बर्ली प्रक्रिया की अध्यक्षता संभाली: संघर्ष-मुक्त हीरा व्यापार, डिजिटल प्रमाणन और शासन सुधार पर ध्यान
भारत ने 1 जनवरी 2026 से किम्बर्ली प्रक्रिया (KP) की अध्यक्षता ग्रहण की; इससे पहले 2025 में UAE अध्यक्ष था। KP अध्यक्ष के रूप में यह भारत का तीसरा कार्यकाल है। किम्बर्ली प्रक्रिया एक बहुपक्षीय पहल है, जिसे यह प्रमाणित करने के लिए स्थापित किया गया कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में आने वाले कच्चे हीरे 'संघर्ष-मुक्त' हैं — अर्थात वैध सरकारों के विरुद्ध विद्रोही आंदोलनों या युद्धों को वित्त पोषित करने में उनका उपयोग नहीं होता। 1 जनवरी 2003 को UNGA प्रस्ताव 55/56 के बाद स्थापित KP में वर्तमान में 86 देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 60 प्रतिभागी हैं। भारत की नोडल एजेंसी GJEPC (जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल) है। भारत की अध्यक्षता में प्राथमिकताएँ हैं: KP शासन में पारदर्शिता मजबूत करना; आपूर्ति श्रृंखला में हीरों का पता लगाने के लिए डिजिटल प्रमाणन प्रणाली को आगे बढ़ाना; डेटा-आधारित निगरानी से पारदर्शिता बढ़ाना; और संघर्ष-मुक्त हीरों में उपभोक्ताओं का विश्वास मजबूत करना। गुजरात के सूरत में विश्व के लगभग 90% कच्चे हीरे की कटाई और पॉलिशिंग होती है — इसलिए मजबूत KP ढाँचा भारत के हीरा प्रसंस्करण उद्योग के लिए नैतिक आपूर्ति श्रृंखला की साख सुनिश्चित करता है।
मुख्य तथ्य
- भारत ने 2026 के लिए किम्बर्ली प्रक्रिया की अध्यक्षता ग्रहण की, UAE से पदभार संभाला।
- KP अध्यक्ष के रूप में यह भारत का तीसरा कार्यकाल है; इससे पहले भारत 2019 में और उससे पूर्व भी यह भूमिका निभा चुका है।
- किम्बर्ली प्रक्रिया प्रमाणित करती है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में कच्चे हीरे संघर्ष-मुक्त हैं।
- भारत की प्राथमिकताओं में हीरा व्यापार में डिजिटल प्रमाणन और शासन सुधार शामिल हैं।
- KP की स्थापना 1 जनवरी 2003 को UNGA प्रस्ताव के बाद संघर्ष हीरों पर अंकुश लगाने के लिए हुई थी।
- भारत विश्व का सबसे बड़ा हीरा कटिंग और पॉलिशिंग केंद्र है, जहाँ वैश्विक कच्चे हीरों का 90% संसाधित होता है।
6-अक्ष वर्गीकरण
यह टॉपिक में दिखता है
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
1 जनवरी 2026 से भारत ने किम्बरले प्रक्रिया की अध्यक्षता किस देश से ग्रहण की?
लेख में स्पष्ट उल्लेख है कि भारत ने 1 जनवरी 2026 से किम्बरले प्रक्रिया की अध्यक्षता संयुक्त अरब अमीरात से ग्रहण की, जिसने वर्ष 2025 में इस प्रक्रिया की अध्यक्षता संभाली थी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत ने किम्बर्ली प्रक्रिया की अध्यक्षता कब ग्रहण की और किस देश से पदभार संभाला?
भारत ने 1 जनवरी 2026 से किम्बर्ली प्रक्रिया (KP) की अध्यक्षता संभाली। उसने यह पद UAE से लिया, जो 2025 में अध्यक्ष था। KP अध्यक्ष के रूप में यह भारत का तीसरा कार्यकाल है — इससे पहले भारत 2019 और उससे पूर्व अध्यक्ष रह चुका है।
किम्बर्ली प्रक्रिया क्या है और यह कब स्थापित हुई?
किम्बर्ली प्रक्रिया एक बहुपक्षीय पहल है, जिसे 1 जनवरी 2003 को UNGA प्रस्ताव के बाद स्थापित किया गया। इसका उद्देश्य यह प्रमाणित करना है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में कच्चे हीरे 'संघर्ष-मुक्त' हैं — यानी उनका उपयोग वैध सरकारों के विरुद्ध विद्रोही आंदोलनों को धन उपलब्ध कराने में नहीं होता।
2026 के KP अध्यक्ष के रूप में भारत की प्राथमिकताएँ क्या हैं?
2026 में KP अध्यक्ष के रूप में भारत की मुख्य प्राथमिकताओं में कच्चे हीरे के व्यापार का डिजिटल प्रमाणन, KP ढाँचे में शासन सुधार और वैश्विक आपूर्ति शृंखला में संघर्ष हीरों के प्रवेश को रोकने वाले तंत्र को मजबूत करना शामिल है।
किम्बर्ली प्रक्रिया में भारत की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण क्यों है?
भारत विश्व का सबसे बड़ा हीरा कटिंग और पॉलिशिंग केंद्र है, जहाँ लगभग 90% वैश्विक कच्चे हीरे संसाधित होते हैं। इसलिए वैश्विक हीरा आपूर्ति शृंखला की विश्वसनीयता बनाए रखने में KP के भीतर भारत की निगरानी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।
किम्बर्ली प्रक्रिया में कितने सदस्य हैं और KP सदस्यता का क्या महत्व है?
किम्बर्ली प्रक्रिया में 80 से अधिक सदस्य हैं, जिनमें सरकारें, हीरा उद्योग और नागरिक समाज संगठन शामिल हैं। KP सदस्यता के लिए देशों को आयात-निर्यात बिंदुओं पर नियंत्रण लागू करना होता है और KP उत्पत्ति प्रमाण-पत्र से यह प्रमाणित करना होता है कि कच्चे हीरे की खेप संघर्ष-मुक्त है।
क्या यह उपयोगी था?
सुधार या छूटा परीक्षा दृष्टिकोण संपादकीय टीम को भेजें।
प्रतिक्रिया भेजें