भारत 11 से 14 मई 2026 तक मुंबई में किम्बरली प्रक्रिया अंतर-सत्रीय बैठक 2026 की मेजबानी कर रहा है और इस वर्ष भारत किम्बरली प्रक्रिया का अध्यक्ष है। चार दिवसीय बैठक 11 मई को आरंभ हुई। 12 मई को दूसरे दिन की चर्चाओं में किम्बरली प्रक्रिया प्रतिभागियों, पर्यवेक्षकों, विश्व हीरा परिषद, सिविल सोसायटी गठबंधन और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। चर्चा का केंद्र किम्बरली प्रक्रिया प्रमाणन योजना का क्रियान्वयन, निगरानी एवं अनुपालन प्रणालियाँ, हस्तशिल्प और जलोढ़ हीरा उत्पादन, व्यापार आंकड़े तथा प्राकृतिक हीरा शृंखला में विश्वास बढ़ाने के उपाय रहे। भारत ने 1 जनवरी 2026 को किम्बरली प्रक्रिया की अध्यक्षता संभाली और इस वर्ष का विषय तीन सी अर्थात विश्वसनीयता, अनुपालन और उपभोक्ता विश्वास है, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सहयोग से उत्तरदायी ढंग से प्राप्त प्राकृतिक हीरों को बढ़ावा देना है। किम्बरली प्रक्रिया प्रमाणन योजना सरकारों, उद्योग और सिविल सोसायटी की संयुक्त पहल है, जिसे 2003 में संघर्ष हीरों के प्रवाह को रोकने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। संघर्ष हीरे वे कच्चे हीरे हैं जिनका उपयोग विद्रोही गुट वैध सरकारों के विरुद्ध युद्ध के लिए धन जुटाने में करते हैं। वर्तमान में इस प्रक्रिया में 60 प्रतिभागी हैं जो 86 देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं तथा यूरोपीय संघ और उसके सदस्य देश एक इकाई के रूप में भाग लेते हैं। मुंबई बैठक का समन्वय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय तथा रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद कर रहे हैं, और भारत अपनी अध्यक्षता का उपयोग प्रमाणन सुधार तथा व्यापार आंकड़ों के डिजिटलीकरण के विस्तार में करना चाहता है। भारत विश्व का सबसे बड़ा हीरा कटाई और पॉलिश केंद्र है।
भारत ने 11-14 मई 2026 तक मुंबई में अपनी 2026 अध्यक्षता के अंतर्गत किम्बरली प्रक्रिया अंतर-सत्रीय बैठक की मेजबानी की; 12 मई को दूसरे दिन की चर्चा वैश्विक प्राकृतिक हीरा व्यापार में विश्वसनीयता, अनुपालन और उपभोक्ता विश्वास के तीन सी पर केंद्रित रही
भारत 11-14 मई 2026 तक मुंबई में किम्बरली प्रक्रिया अंतर-सत्रीय बैठक 2026 की मेजबानी कर रहा है; 12 मई की चर्चा प्राकृतिक हीरा व्यापार में विश्वसनीयता, अनुपालन और उपभोक्ता विश्वास यानी तीन सी के विषय पर केंद्रित रही।
मुख्य तथ्य
- किम्बरली प्रक्रिया की अंतर-सत्रीय बैठक 2026 भारतीय अध्यक्षता में 11-14 मई तक मुंबई में आयोजित हुई
- भारत ने 1 जनवरी 2026 को कैलेंडर वर्ष के लिए किम्बरली प्रक्रिया की अध्यक्षता संभाली
- भारत द्वारा निर्धारित 2026 का विषय तीन सी - विश्वसनीयता, अनुपालन और उपभोक्ता विश्वास है
- किम्बरली प्रक्रिया प्रमाणन योजना 2003 में विद्रोही युद्धों के वित्तपोषण के लिए संघर्ष हीरों को रोकने के उद्देश्य से शुरू हुई
- इस प्रक्रिया में 60 प्रतिभागी हैं, जो 86 देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं; यूरोपीय संघ इसमें एक इकाई के रूप में भाग लेता है
- बैठक का समन्वय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय और जीजेईपीसी कर रहे हैं; भारत विश्व का सबसे बड़ा हीरा कटाई और पॉलिश केंद्र है
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भारत 11 से 14 मई 2026 तक किम्बरली प्रक्रिया अंतर-सत्रीय बैठक 2026 की मेजबानी कर रहा है। यह बैठक भारत के किस शहर में आयोजित हो रही है?
किम्बरली प्रक्रिया अंतर-सत्रीय बैठक 2026 भारतीय अध्यक्षता के तहत मुंबई में 11 से 14 मई 2026 तक आयोजित हो रही है। भारत ने 1 जनवरी 2026 को किम्बरली प्रक्रिया की अध्यक्षता संभाली।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
किम्बरली प्रक्रिया क्या है?
किम्बरली प्रक्रिया प्रमाणन योजना सरकारों, उद्योग और सिविल सोसायटी की संयुक्त पहल है जो 2003 में संघर्ष हीरों के प्रवाह को रोकने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, ये ऐसे कच्चे हीरे हैं जिनका उपयोग विद्रोही गुट वैध सरकारों के विरुद्ध युद्ध के वित्तपोषण में करते हैं।
अंतर-सत्रीय बैठक 2026 कब और कहाँ आयोजित हो रही है?
भारत 11 से 14 मई 2026 तक मुंबई में किम्बरली प्रक्रिया अंतर-सत्रीय बैठक 2026 की मेजबानी कर रहा है। दूसरे दिन की चर्चाएं 12 मई 2026 को हुईं।
भारत की 2026 अध्यक्षता का विषय क्या है?
भारत ने तीन सी विषय तय किया है, यानी विश्वसनीयता, अनुपालन और उपभोक्ता विश्वास। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जिम्मेदारीपूर्वक प्राप्त प्राकृतिक हीरों को बढ़ावा देना है।
किम्बरली प्रक्रिया में कितने देश भाग लेते हैं?
किम्बरली प्रक्रिया में वर्तमान में 60 प्रतिभागी हैं, जो 86 देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं; यूरोपीय संघ और उसके सदस्य देश एक इकाई के रूप में भाग लेते हैं।
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